Category: आनन्द विश्वास

*इस बार दिवाली सीमा पर*

*इस बार दिवाली सीमा पर* …आनन्द विश्वास इस बार दिवाली सीमा पर, है खड़ा  मवाली  सीमा पर।   इसको  अब  सीधा करना है, इसको अब  नहीं सुधरना है। इनके …

*मेरे घर में बना बगीचा*

*मेरे घर में बना बगीचा* …आनन्द विश्वास मेरे   घर   में   बना   बगीचा, हरी घास ज्यों बिछा गलीचा।   गेंदा,   चम्पा    और   चमेली, लगे   मालती  कितनी प्यारी। मनीप्लांट    आसोपालव   से, …

नभ में उड़ने की है मन में.

नभ में उड़ने की है मन में. …आनन्द विश्वास नभ में उड़ने की है मन में, उड़कर पहुँचूँ नील गगन में। काश, हमारे दो पर होते, हम बादल से …

मछली कैसे जीती जल में

मछली कैसे जीती जल में …आनन्द विश्वास मछली कैसे जीती जल में, टीचर से पूछूँगी कल मैं। जीना चाहूँ जो मैं जल में, जान सकूँगी उसका हल मैं। जो …

मामू की शादी में हमने…

मामू की शादी में हमने… …आनन्द विश्वास मामू की शादी में हमने, खूब मिठाई खाई। नाचे-कूदे, गाने गाए, जमकर मौज मनाई। आगे-आगे बैण्ड बजे थे, पीछे बाजे ताशे। घोड़ी …

कुछ हायकु और

कुछ हायकु और …आनन्द विश्वास 1. हमने माना पानी नहीं बहाना तुम भी मानो। 2. छेडोगो तुम अगर प्रकृति को तो भुगतोगे। 3. जल-जंजाल न बने जीवन का जरा …

कुछ और हाइकु

कुछ और हाइकु …आनन्द विश्वास 1. घड़ी की सुईं चलकर कहती चलते रहो। 2. पानी या खून बूँद-बूँद अमूल्य जीवन-दाता। 3. सूखा ही सूखा प्यासा मन तरसा हुआ उदासा। …

*अगर सीखना कुछ चाहो तो*

*अगर सीखना कुछ चाहो तो* …आनन्द विश्वास अगर सीखना कुछ चाहो तो, हर चीज तुम्हें शिक्षा देगी। शर्त यही है कुछ पाने की, जब मन में इच्छा होगी। नदियाँ …

मंकी और डंकी

मंकी और डंकी …आनन्द विश्वास डंकी के ऊपर चढ़ बैठा, जम्प लगाकर मंकी, लाल। ढेंचूँ – ढेंचूँ करता डंकी, उसका हाल हुआ बेहाल। पूँछ पकड़ता कभी खींचता, कभी पकड़कर …

आया मधुऋतु का त्योहार

आया मधुऋतु का त्योहार …आनन्द विश्वास खेत-खेत में सरसों झूमे, सर-सर वहे वयार, मस्त पवन के संग-संग आया मधुऋतु का त्योहार। धानी रंग से रंगी धरा, परिधान वसन्ती ओढ़े। …

किस नम्बर की कार तुम्हारी

*किस नम्बर की कार तुम्हारी* …आनन्द विश्वास चन्दा मामा हमें बताओ, किस नम्बर की कार तुम्हारी। पन्द्रह-पन्द्रह दिन ना आते, कैसी है सरकार तुम्हारी। पन्द्रह दिन तक इवन नम्बर, …

चलो बुहारें अपने मन को

चलो बुहारें अपने मन को …आनन्द विश्वास चलो, बुहारें अपने मन को, और सँवारें निज जीवन को। चलो स्वच्छता को अपना लें, मन को निर्मल स्वच्छ बना लें। देखो, …

*हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई*

हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई …आनन्द विश्वास हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई, ये सब क्या है, बोलो भाई। उसने तो इन्सान बनाया, किसने ऐसी चाल चलाई। हिन्दू क्या है, मुस्लिम क्या …

*गाँधी जी के बन्दर तीन*

गाँधी जी के बन्दर तीन …आनन्द विश्वास गाँधी जी के बन्दर तीन, तीनों बन्दर बड़े प्रवीन। खुश हो बोला पहला बन्दा, ना मैं गूँगा,बहरा, अन्धा। पर मैं अच्छा ही …

गोबर, तुम केवल गोबर हो

गोबर, तुम केवल गोबर हो …आनन्द विश्वास गोबर, तुम केवल गोबर हो। या सारे जग की, सकल घरोहर हो। तुमसे ही निर्मित, जन-जन का जीवन, तुमसे ही निर्मित, अन्न …

जगमग सबकी मने दिवाली

जगमग सबकी मने दिवाली आनन्द विश्वास जगमग सबकी मने दिवाली, खुशी उछालें भर-भर थाली। खील, खिलौने और बताशे, खूब बजाएं बाजे – ताशे। ज्योति-पर्व है ज्योति जलाएं, मन से …

ऐसे जग का सृजन करो,माँ।

ऐसे जग का सृजन करो,माँ। …आनन्द विश्वास ऐसे जग का सृजन करो, माँ। अविरल वहे प्रेम की सरिता, मानव – मानव में प्यार हो। फूलें फलें फूल बगिया के, …

*फल खाओगे, बल पाओगे*

फल खाओगे, बल पाओगे …आनन्द विश्वास फल खाओगे, बल पाओगे, सुन्दर तन का हल पाओगे। काजू किशमिश और मखाने, शक्ति-पुंज हैं जाने माने। एप्पल गुण की खान सुनो तुम, …

बन सकते तुम अच्छे बच्चे

बन सकते तुम अच्छे बच्चे …आनन्द विश्वास सुबह सबेरे जल्दी जगते, और रात को जल्दी सोते। ऐसा करते अच्छे बच्चे, बन सकते तुम अच्छे बच्चे। सिट-अप करते,पुश-अप करते, और …

*दूध दही घी माखन खाओ*

दूध दही घी माखन खाओ …आनन्द विश्वास दूध दही घी माखन खाओ, हृष्ट-पुष्ट बच्चो बन जाओ। सुनो दूध की लीला न्यारी, सभी तत्व इसमें हैं भारी। दूध मलाई जो …

बच्चो,चलो चलाएं चरखा

बच्चो,चलो चलाएं चरखा …आनन्द विश्वास बच्चो, चलो चलाएं चरखा, बापू जी ने इसको परखा। चरखा अगर चलेगा घर-घर, देश बढ़ेगा इसके दम पर। इसको भाती नहीं गरीबी, ये बापू …