Category: अमीर फैसल

ख्वाहिश

कैसी मुहब्बत थी हमें तुमसे कत्ल हुए एक’उफ’ना की तुम्हारे हर बे-नेयाज़ी पर सज़्द-ए-शुकर् बजा लाये एक तस्कीन था दिल में तुम पास हो क्या कम है हाथ बढ़ा …

एक आस

एक अास था मुझे कि वो अायेगी ज़िन्दगी युहीं खुशियों से भर जायेगी चलेगें हम अनजान राहों पर,थामे एक दूजे का हाथ,मिले चाहे जितने भी अाँसुओं के सौगात इक …