Category: अमरसिंग परदेशी

तुम

तुम्हारा मिलना शांत सागर में प्यार भरी लहरे । तुम्हारी बाते कानो में गूंजता मधुर संगीत । तुम्हारी आँखे दिल को चीरते तीर । तुम्हारा हसना खिल खिलाते हुये …