Category: आलोक उपाध्याय

ये आपसे कितना प्यार करता हैं By Alok Upadhyay

हर वक्त तुम्हारी फ़िक्र करूं , खुद से करूं बातें बातों मे तुम्हारा जिक्र करूं …, दिल भी तुम्हारे फोन का इंतजार करता हैं , देख लो सोनी जी …

“माँ” A Heart Touching Poem By Alok Upadhyay

लेती नहीं दवाई “माँ”, जोड़े पाई-पाई “माँ”। दुःख थे पर्वत, राई “माँ”, हारी नहीं लड़ाई “माँ”। इस दुनियां में सब मैले हैं, किस दुनियां से आई “माँ”। दुनिया के …

Five Popular Lines Of Alok Upadhyay

1.छोटीसी जिंदगी बची हैं मेरी , हँसते-हँसते काट रहाँ हूँ …, वक्त नही हैं रोने का फिलहाल खूशियाँ बाँट रहा हूँ …! 2.कहते हैं अकसर सब मूझसें बडा अजीब …

खो गया शायद बच्चो का संसार a poem of school life stress by Alok Upadhyay

लाद के कंधो पे भारी से बस्ते, चल पडे वहाँ जहाँ भटका गएँ रस्ते, रो-रो कर करने लगे वो पढाई, मानो किताबो से है उनकी लडाई., माँ-बाप को बच्चो …

मेरे यारो का पागलपन Funny Friends of ALOK UPADHYAY

वो मेरे यारो का पागलपन जिसपे फिदा है मेरा मन, वो मेरे यारो का हसनाँ-हसानाँ और क्लासं मे मेरा गाने गाना, Sanju bhatia का आपस मे लडना वो अपने …

मोबाईल बना हैँ हर लड़की की शान

मोबाईल बना हैँ हर लड़की की शान … Miss काल करके लड़को को करती हैँ परेशान, ॰ ॰ SMS मेँ लिखती Miss U मेरी जान.. तुम्हारी आवाज़ सुननेको तरसे …

मगर आलोक तूँ अपने आप को सिर्फ हिन्दुस्तानी लिख

ये हिन्दू वो मूस्लिम तूँ ईसाई वे सिख.., मगर आलोक तूँ अपने आप को सिर्फ हिन्दुस्तानी लिख…! तेरा अल्लाह ईश्वर एक है, तेरे ईरादे अगर नेक है.., तो तेरा …

अंग्रेज़ी VS अंग्रेज़ी : HINDI VS ENGLISH poem by ALOK UPADHYAY

अंग्रेज़ी सीना तान घमण्ड में खड़ी है।। दूर कहीं कोने में ‘हिंदी ‘उर्दू ‘लज्जित पड़ी है।। नमस्ते सलाम की जगह लेली hi ने।। अलविदा दस्तूर को लात मर दी …