Category: आलम

जा थल कीन्हें बिहार अनेकन

जा थल कीन्हें बिहार अनेकन, ता थल काँकरी बैठि चुन्यो करैं। जा रसना सों करी बहु बातन, ता रसना सों चरित्र गुन्यो करैं।। ‘आलम’ जौन से कुंजन में करी …