Category: अक़ील अहमद ‘अनस’

तितलियों से कह दो – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

तितलियों से कह दो कि हमें रिझाना बंद करे अपनी शोख अदाओं से, दिल चुराना बंद करे। बहुत देखे हमने, प्यार में धोखे खाए हुए भौंरे कलियों पर, अब …

वक़्त

​ठहरजाता है वक़्त, थम जाता है वक़्त, वक़्त की मिज़ाज़ क्या? हार जाते है सब। ज़रा देखो, जरा सोचो! निर्जिव जो,भागे तेज़ जरा सोचो, जरा देखो! खुली किताब, पढी …