Category: एहतेराम इस्लाम

पथ पे आयेंगे लोग जाने कब

पथ पे आयेंगे लोग जाने कब सर उठाएंगे लोग जाने कब आसुओं से उमड़ पड़े सागर मुस्कुराएंगे कोग जाने कब जख्म मुद्दत से गुदगुदाते हैं खिल्खिलायेंगे लोग जाने कब …

कुछ तो कमरे में गुजर होगा हवा का पागल

कुछ तो कमरे में गुजर होगा हवा का पागल खिडकियां खोल की है हब्स बला का पागल उसकी बकवास में होती है पते की बात कभी कर दे न …

बोझ ह्रदय पर भारी हो

बोझ ह्रदय पर भारी हो पर मुख पर उजियारी हो कुर्सी की टांगें न हिले जंग चले बमबारी हो अपना हिस्सा ले के रहे तुम सच्चे अधिकारी हो चम्बल …

अपने सीने में मेरा बिम्ब बराबर देखो

अपने सीनों में मेरा बिम्ब बराबर देखो दोस्तों ! मुझको अगर आईना बनकर देखो यह पहाड़ों के पिघलने का नतीजा तो नहीं पानी पानी हुआ जाता है समन्दर देखो कैसे …

शक्ल मेरी क्या चमकी

शक्ल मेरी क्या चमकी आपकी सभा चमकी गहरी कालिमा चमकी या मेरी दुआ चमकी ज्योति पा गई धरती बन के आईना चमकी मेरे जख्म क्या चमके आपकी अदा चमकी …

अग्नि शय्या पर सो रहे हैं लोग

अग्नि शय्या पर सो रहे हैं लोग किस कार्ड सर्द पड़ चुके हैं लोग तोडना चाहते हैं अमृत फल जहर के बीज बो रहे हैं लोग मंजिलों की तलाश …

आखों में भडकती हैं

आखों में भडकती हैं आक्रोश की ज्वालाएं हं लांघ गए शायद संतोष की सीमाएं पग पग पे प्रतिस्थित हैं पथ भ्रस्त दुराचारी इस नक़्शे में हम खुद को किस …

बदली कहाँ हालात की तस्वीर वही है

बदली कहाँ हालात की तस्वीर वही है करा है वही, पाँव की जंजीर वही है बदली हुई इस घर की हर इक चीज है लेकिन दीवार पे लटकी हुई …

अग्नि-वर्षा है तो है हाँ बर्फ़बारी है तो है

अग्नि वर्षा है तो है हाँ बर्फ़बारी है तो है, मौसमों के दरमियाँ इक जंग जारी है तो है । जिंदगी का लम्हा लम्हा उसपे भारी है तो है, …

मीर’ को कोई क्या पहचाने मेरी बस्ती में

मीर’ को कोई क्या पहचाने मेरी बस्ती में, सब शाइर हैं जाने-माने मेरी बस्ती में। आम हुए जिसके अफ़साने मेरी बस्ती में, वो मैं ही हूँ, कोई न जाने …

बहाना ढूंढ ही लेता है, खूँ बहाने का

बहाना ढूंढ ही लेता है खूँ बहाने का, है शौक कितना उसे सुर्ख़ियों में आने का। मिले हैं जख़्म उसे इस क़दर कि अब वो भी, कभी किसी को …

कोई पल भी हो दिल पे भारी लगे

कोई पल भी हो दिल पे भारी लगे, फ़ज़ा में अजब सोगवारी लगे। ये क्या हाल ठहरा, दिल-ए-ज़ार का, कहीं जाइए, बेक़रारी लगे। बहुत घुल चुका ज़हर माहौल में, …