Category: आदेश कुमार पंकज

क्यों दूर हैं

लोग अपनों से हुये , क्यों दूर हैं | लोग अपनी मस्ती में क्यों चूर हैं | भावनाओं को समझते हैं खिलौना, लोग अपनी बस्ती के क्यों क्रूर हैं …

प्यार लिख देना

गलतियाँ पाना जहाँ , वहाँ सुधार लिख देना | इंसान मिलते हो जहाँ , त्यौहार लिख देना | ताजी पवन चलती जहाँ हो,बहार लिख देना | बहे प्रेम की …

रोज सवेरे चेहरा अपना

रोज सवेरे चेहरा अपना, मैं तुझमें देखा करता हूँ | रोज सवेरे याद में तेरी , गीत नया गाया करता हूँ | तुम जीवन की डोर हो मेरी, चाहे …