Category: आचार्य सारथी रूमी

कोई सपना सलोना चाहता है

कोई सपना सलोना चाहता है, लिपटकर मुझसे रोना चाहता है! तू मेरा चैन खोना चाहता है, तो क्या बेचैन होना चाहता है! उसे माँ चाँद दिखलाने लगी है, मगर …

भले ही मैं तुझे मय कह चुका हूँ

भले ही मैं तुझे मय कह चुका हूँ, हक़ीक़त में तो मैं तेरा नशा हूँ! लकीरों में तेरी कितना लिखा हूँ, सितारों से मैं ख़ुद भी पूछता हूँ! भले …