Category: अभिषेक राजहंस

है मुझे भी इंकार प्रिये

शीर्षक-है मुझे भी इंकार प्रिये जब मैं बीच समन्दर मझदार में था जब लहरों में बिन पतवार था जब वक़्त मेरा ,तेरे इंतज़ार में था था तुझे इंकार प्रिये …

ऐ नौकरी

कितनी सिद्दत से चाहा तुझे हर पल बस चाहा तुझे घर छोड़ा परिवार छोड़ा हुस्न का दीदार छोड़ा गाना छोड़ा गुनगुनाना छोड़ा तुम्हे पाने की जिद में महीने -महीने …

पहचान

मैं औरत हूँ कमजोर,लाचार,बेजार कहाँ जीती मैं ज़िन्दगी अपनी कहाँ लेती साँसे खुद से मेरी साँसो से भी हैं सबको इनकार मेरी साँसे तो होती है किसी ना किसी …

किस बात का है इंतज़ार

शीर्षक-किस बात का है इंतज़ार किस बात का है तुम्हे इंतजार क्यों हो रहा है तू बेजार रास्ते हो चाहे मुश्किल जितने अपने पांव से सफ़र कर यार चट्टानों …

मेरा इंतजार करना

शीर्षक–मेरा इंतजार करना तुम इस तरह मेरा इंतजार करना मैं जैसे हूँ तुम्हारा तुम उस तरह मेरी रहना यादो की किताब के पन्ने पलटना यादो की तस्वीर में मुझे …

मैं अभिमन्यू हूँ

शीर्षक- मैं अभिमन्यू हूँ महाभारत की महागाथा का एक छोटा अध्याय हूँ पांडवो की जीत का पर्याय हूँ सुभद्रा के गर्भ से जन्मा मैं द्रौपदी का बेटा हूँ भीष्म …

-अपनी यादों को मिटा जाओ

शीर्षक–अपनी यादों को मिटा जाओ इतना यकीन है मुझे की तुमने मुझे भुला दिया है नफरतो के लिहाफ जो ओढ़ लिए तुमने कुछ मेरे गमो को तो भुला जाओ …

शीर्षक-अभी जारी है

शीर्षक-अभी जारी है अपने सपनो के देश को बदलने की तेयारी अभी जारी है वो जो हुक्मरान बैठे है सिहांसन पर यही तो दिलासा दे रहे है नोटबंदी करवा …

छठी वरतिया

लल्ला तोहरे खातिर कैनी छठी माई के वरतिया ऐ बेटवा उगिहा तू सुरुज नियन दूर करियह अन्हरिया कैनी हम छठ वरतिया आंगनवा दुअरिया निपनी खीर , ठेकुआ , पिरिकिया …

मैं लौट आऊँगा

शीर्षक –मैं लौट आऊँगा मैं रेत पे खींची लकीर नहीं जो मिट जाऊँगा मैं अतीत का वो हिस्सा नहीं जो दोहराया ना जाऊँगा मै तुम्हारे आँखों का आँसू नहीं …

दीवाली बीतनी जरुरी है

शीर्षक-दिवाली बीतनी जरुरी है हम हर साल जलाते हैं रौशनी से भरी मिटटी के दीये रुई की बातियाँ जलती हैं रौशनी के लिए हम जलाते दीये गणेश लक्ष्मी की …