Category: अभिषेक राजहंस

कैसी आजादी चाहिए

मेरी नयी कविता– शीर्षक–कैसी आजादी चाहिए आज हमारे देश में हर किसी को आजादी चाहिए आजादी के रंग में जो रंगा नहीं जिसे आजादी का मतलब पता नहीं वो …

तेरा इंतज़ार

शीर्षक- तेरा इंतज़ार है ये जो समंदर के जिस्म पर लहरें मचलती हैं अठखेलियाँ करती हैं मैं किनारे बैठा महसूस करता हूँ तेरी याद में समंदर बना फिरता हूँ …

सच्चे हिंदुस्तानी

जहाँ सूरज की रौशनी नहीं जहाँ होती नहीं प्राणवायु खून जम जाए जहाँ हिमखंडो से टकराकर जहाँ प्यास है पर पानी नहीं वहीँ रहते है सच्चे हिंदुस्तानी भारत के …

दूसरी निर्भया

शीर्षक–“दूसरी निर्भया” ये सच है मेरी कोई सगी बहन नहीं सालो से सुनी है मेरी कलाई हर राखी मेरी आँखों में होते हैं आंसू पर नहीं होती कहने वाली …

यही तो बिहार है

ये जो बिहार है राजनीति का कैसा यहाँ आकार है यहाँ के मुख्यमंत्री नितीश कुमार है कभी इन्हें लालटेन से प्यार है कभी इन्हें हाथ का साथ पसंद है …

जब से तुम्हे देखा

शीर्षक-जब से तुम्हे देखा जब से तुम्हे देखा दिल का परिंदा हवाबाज हुआ धक्-धक् सा आवाज हुआ दिल के कागज पे तेरा- मेरा हिसाब हुआ जब से तुम्हे देखा …

सावन की बहार

सावन की बहार प्रियतमे तुम्हारा इंतज़ार उमड़ते बादल बरसते मेघ भींगते पपीहे नाचते मोर थिरकते पाँव बजती पायल पायल की झंकार सावन की बहार सजनी तेरा मेरा प्यार आँखों …

कैलेंडर की तारीख

ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी कैलेंडर की तारीख सी दिन का हिसाब अतीत की किताब साल दर साल बीतता मौसम कभी सावन की बारिश कभी पतझड़ का आगमन छूटता बचपन ,बैचैन …

अपने जन्मदिन पर

शीर्षक- अपने जन्मदिन पर अपने जन्मदिन पर मुझे ना कोई उपहार चाहिए ना कोई प्यार चाहिए आसमान में जो उड़ सके परिंदे बनकर ऐसी बेटियों के जनम का अधिकार …

खुदा की मर्ज़ी

शीर्षक-खुदा की मर्ज़ी वो तेरा मेरी ज़िन्दगी में आना है नेमत खुदा का है खुदा की मर्ज़ी तुमसे मेरा मिलना सांसो को तेरा एहसास दिलवाना तेरी आँखों में अपनी …