Category: अभिषेक राजहंस

तुम्हे कैसे बताऊँ

बहुत कुछ है कहने को पर क्या कहूँ कुछ समझ नहीं पाऊँ मैं चातक,तुम्हारी चाहत में कितना तड़पता हूँ आखिर तुम्हे कैसे बताऊँ याचक बन कर तुम्हारे प्रेम की …

तू करना मुझसे प्यार प्रिये

इस पार खड़ा मैं प्यार प्रिये उस पार खड़ी तू मेरा प्यार प्रिये तुम्हारे बिना जीना है दुश्वार प्रिये किसलिए करती हो इंकार प्रिये तुम्हारे बिना जीना है दुश्वार …