Category: अभिषेक राजहंस

खुदा की मर्ज़ी

शीर्षक-खुदा की मर्ज़ी वो तेरा मेरी ज़िन्दगी में आना है नेमत खुदा का है खुदा की मर्ज़ी तुमसे मेरा मिलना सांसो को तेरा एहसास दिलवाना तेरी आँखों में अपनी …

वो हमारी पहली मुलाकात थी

वो हमारी पहली मुलाकात थी हिचकिचाहट से भरी वो बात थी चाँद निकला था पुरे सबाब पे वो हमारी चांदनी रात थी वो हमारी पहली मुलाकात थी चाय से …

एक दोस्त था ऐसा

मेरी नयी कविता मेरे मित्र रामसागर जी को समर्पित जो अब इस संसार में नहीं रहे शीर्षक-एक दोस्त था ऐसा एक दोस्त था मेरा ऐसा जो निभाता था दोस्ती …

तुम्हारे होने से

शीर्षक-“तुम्हारे होने से” मेरी ज़िन्दगी में जब से तेरी आहट हुई तेरे कदमो की सूगबुगाहट हुई साँसों को सांस लेने का इल्म हुआ दिल का दिल पर जुल्म हुआ …

ज़िन्दगी के लिए

“ज़िन्दगी के लिए” ज़िंदगी में, ज़िन्दगी के लिए, सफ़र दर सफ़र बढ़ते हुए, रिश्तों को किस्तों में निभा रहे, अपनी मुस्कान को गवां रहे। भौतिकता के युग में, सुखी …

ज़िन्दगी में

शीर्षक–ज़िन्दगी में ज़िन्दगी में, सब जरुरी है सफलता के लिए असफलता का दोहराव जरुरी हैं बिखरने का डर जरुरी हैं निखरने का सपना जरुरी हैं। अकलमन्द हो या ना …

इस दिवाली क्या तुमने

शीर्षक-इस दिवाली क्या तुमने इस दिवाली क्या तुमने एक दीपक जलाया उस कमरे में जहाँ रौशनी पहुँचती नहीं इस दिवाली क्या तुमने एक रंगोली बनायीं उस चौखट पर जहाँ …

आज रात मैं क्या लिखूँ

मेरी नयी कविता —आज रात मैं क्या लिखूं आज रात मैं क्या लिखूं अपनी मन की अधूरी बात लिखू या सोये जज्बात लिखू आधे अधूरे सवाल लिखू या अधुरा …