Category: अभिज्ञात

हावड़ा ब्रिज

बंगाल में आये दिन बंद के दौरान किसी डायनासोर के अस्थिपंजर की तरह हावड़ा और कोलकाता के बीचोबीच हुगली नदी पर पड़ा रहता है हावड़ा ब्रिज जैसे सदियों पहले …

हवाले गणितज्ञों के

तब भी जोड़ो-घटाओ अगर गणित कमज़ोर हो ख़रीद लो सबसे पहले कलकुलेटर यह दुनिया गणितहीन लोगों के लिए नहीं है गणित का निषेध आदमी के पक्ष में हैं और …

सच के पास आदमी नहीं है

सच का भूत घूम रहा है दरबदर ढूंढ़ता हुआ एक आदमी उसे आदमी नहीं मिलते वह जिसके साथ रह सके। चारों तरफ भरा पड़ा है सच। हज़ार-हज़ार आँखों से …

शिलालेख और आदमी

कितना सुरक्षित है शिलालेखों का अध्ययन कि वह बदलता नहीं आदमी की गति से। बदलना, अविश्वसनीय है और खतरनाक कुछ लोगों की राय में। तुम कुछ भी अर्थ दो …

शब्द पहाड़ नहीं तोड़ते

आदमी के रक्त में निरंतर हिमोग्लोबीन कम होता जा रहा है यह किसी डॉक्टर की रिपोर्ट नहीं मेरी कविता पढ़कर भाँप सकते हो अपनी कछुआ खंदकों से निकल कर …

रेह में कल्ले

देवगाँव से मेहनाजपुर लौटते वाली रात की आख़िरी बस तेज़ी से भागती है मगर हर पड़ाव की सवारियों को उठाती है और बिना पड़ाव के भी लोगों के उदास, …

मैं ठूँठ नहीं होना चाहता

आओ और मेरी करारी रोटियाँ ले जाओ तुम्हारी प्रतीक्षा में हूँ मैं मुझे शरमिन्दा न करो मैं व्याकुल हूँ देखो मैं कितनी बेफिक्र नींद लेता हूँ मुझे दहशत से …

फूटती हैं कोपलें

बार-बार अपनी इबारतें बदलते-बदलते मेरा मत इतना घिस चुका है कि अंतिम खड़ा है पहले के ही विरुद्ध। हर चीज़ की शिनाख़्त ऐसे ही खोती है। मेरी शुबहाग्रस्त ईमानदार …