Category: Kavita

जन्मदिन

समय रुकता नही, चलता लगातार, टिक-टिक करता, पल-पल अौर बारबार। लो आया जन्मदिन तेरा, फिर एक बार, मेरे लिये जैसे है ये, एक पारिवारिक त्योहार, अभिनंदन, आशीष बधाइयाँ, मिलती …

हैं दोनो ही इंसान

मै मुसलिम हूँ, तू हिन्दू हैं ………..हैं दोनो इंसान ला मै तेरी गीता पढ लूँ , तू पढ ले मेरी कुरान ना मैने अपना अल्लाह देखा ना देखा तूने …

लिखू मै भी कुछ

लिखू मै भी कागज पर, जो हाथों की लकीर बन जाये गुन गुनाऊँ ऐसा तराना जो मेरी तकदीर बन जाये कलम की श्याही ख्वाव बने कागज की पट्टी विशबास …

सहमी सहमी उसकी आँखें तनहा कबसे बैठी हैं ना तूने पूछा उनका दर्द न वो खुदसे कुछ कहती हैं हाथ पकड़ कर उसका तूने जख्म बस दिया है थरथराते …

बेशर्म

. कौन हो तुम मुझपे सवाल उठाने वाले? कौन हो तुम मुझे बेशरम बुलाने वाले? जन्म दिया है क्या तुमने मुझे?? नहीं! पर हाँ…शायद तुम वो हो जिसने मुझे …

उड़ान

उड़ना चाहती हूँ इस खुले आसमान में उन परिंदों की तरह अपनी मंजिल को छुने की ख्वाहिश लेकर… क्यों रोक लेता है फिर कोई इस उडती चिड़ियाँ को क्यों …

जीने के लिए ये जरूरी है भ्रम

सुनो मेरा ये भरम रहने दो कि तुम हो मेरे जीने के लिए ये जरूरी है. मुझे नहीं चाहिए तुम्हारा कांधा. तुम्हारा सीना. तुम्हारा रुमाल. या कि तुम्हारे शब्द.. …

मजबूर

    जो सर सरहद पर न झुका उस सर को कुचल ते देखा…. जिन हाथों को दुश्मन के गले दबाते देखा उन हाथों को मज़बूरी में जुड़ते देखा …

★ उत्तम क्षमा ★

अहंकार त्यागता है क्षमा सुसंस्कार पालता है क्षमा शीलवान का शस्त्र है क्षमा अहिंसक का अस्त्र है क्षमा प्रेम का परिधान है क्षमा विश्वास का विधान है क्षमा सृजन …

पिता महान होते है

चिरैया चहकती फूल हँसते पत्ते खिलते सूरज निकलता बच्चे जगते आगंन मे खेलते मुट्ठी में दिन आंखों में सपने होते पिता जब साथ होते चिड़ियाँ चीखती फूल चिढ़ाते पत्ते …