Tag: नारी जीवन

मैं जिन्दा रहुँगी

मैं जिन्दा रहुँगी तुम्हारे आँखों के दोनो कोनों में दया -दर्द की आँसू बनकर. मैं जिन्दा रहुँगी तुम्हारी बन्द मुट्ठी मे अत्याचार के खिलाफ लड़ाई मे सहयोग देकर. मै …

स्त्री-मुक्ति

व्यर्थ तेरी इबादत, व्यर्थ तेरी भक्ति बरबाद हो रही है, सारी तेरी शक्ति शिक्षा से ही होगा, तेरा कायाकल्प शिक्षा से ही होगी, स्त्री तेरी मुक्ति शिक्षा की अतल गहराई …

स्त्री भृण हत्या

“उलथी घागर; दुर पिया घर; रो मत बाबुल मेरे. सुनी सुबहा; सुनी रैना; आंगन में अब तेरे. सात जनम के दे कर फेरे; दुर किया तु मुझको, मिठी बेरी …

नर नहीं, नारी हूँ मै ….

फूलों  भरी  क्यारी  हूँ  मै नर  नहीं, नारी  हूँ  मै ….   आकाश के इन्द्रधनुष का, है समाया मुझमे सात रंग हर एक कली में है भरा, प्यार का …