Tag: व्यंग

चुनावी घोषणापत्र

आज मै सुनाऊंगा अपनी पार्टी का चुनावी घोषणापत्र। आप विस्वास करें या न करें, पर यह पूर्णतया सत्य।। —————————————————————— मेरी पार्टी न धरने वाली, न ही भगवाकरण करने वाली। …

रब ही जाने ……..ये क्या हो रहा है …………!!

रब ही जाने ……..ये क्या हो रहा है …………!! कोई रोते – रोते हँसता फिरे कोई हँसते – हँसते रो रहा है कोई सोते हुए भी जागा लगे कोई …

शर्म आनी चाहिये

पेट जिनके भरे हुए, घर कुबेर से भरे हुए,ऐसे लोगो को बवाल का बहाना चाहिये ! क्या लेना देना उन्हें किसी की बेबसी से, उन्हें तो परेशान करने का …

कवि महोदय…………!!

कवि हूँ, कल्पित बाते करना मेरा काम, ध्येय नही मेरा करना किसी को बदनाम !! +++++++++++++++++++++++++++ +++++++++++++++++++++++++++ सुनो बात जब हुई अपनी एक कवि से मुलाकात बोला वो शान …

अभिलाषा ( भाग दो )

अभिलाषा ( भाग दो ) @——युवक की अभिलाषा —-@ पत्नी ऐसी दीजीए, हमको तुम भगवान ! देखन में ऐश्वर्या लगे, सुंदरता की खान !! संस्कारी बहु बने घर की …

अभिलाषा (भाग एक )

अभिलाषा (भाग एक ) @–युवती की अभिलाषा—@ हे प्रभु मुझे ऐसा वर दे ! हाव भाव से मनमोहन हो स्वभाव से शांत,सदा मौन रहे मन माफिक हर काम कर …

!! शादी का पंचनामा !!

हमारे समाज के कुछ रीती रिवाज ऐसे है जिनसे हम सब को रूबरू होना पड़ता है, अच्छाइयाँ, बुराइयां, दर्द, प्रेम, करुणा, और उत्साह का एक ऐसा मिश्रित रूप …

…बात ही कुछ और है !!

सामाजिक जीवन में रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाले साधारण सी बाते कितनी महत्वपूर्ण और सवेदनशील होती है उन को चित्रित करने की कोशिश की गई है , आशा …

दाखिला नामुमकिन-Admission Impossible

प्रिय दोस्तो जब स्कुल की प्रिन्सीपल ने बच्चे के admission के लिये कई चक्कर लगवाए और मुझे इतना  तंग कर डाला कि पैसे देकर ही दाखिला कराना पड़ा, तब यह पैरोडी लिखी गई तो पैरोडी का आनन्द ले ओम जय जगदीश भजन की तर्ज मे ः- ओम जय प्रिंसिपल मैया- बोलो जय प्रिंसि मैया तुमने करा दी हमारी -तुमने करा दी हमारी- दैया रे दैया बोलो जय प्रिंसिपल मैया …… जो पहले ही आवे – वो एडमिशन पावे- मैया वो एडमिशन पावे चाहे कछु नाही आवे -चाहे कछु नाही आवे-पर नोट तो वो चढावे बोलो जय प्रिंसिपल मैया …… क्या-क्या तुमका चाही हमसे तो बोलो- मैया हमसे तो बोलो क्या-क्या है तुम्हे चाहत- क्या-क्या है तुम्हे मान्गत-मुंह तो जरा खोलो बोलो जय प्रिंसिपल मैया …… घन्टी कितनी बजाए-peon भी है घबराए-मैया peon भी घबराए कितना डरते सारे – बार बार डांट मारे- दिल बैठा जाए बोलो जय प्रिंसिपल मैया …… बच्चा तो होशियार है – पढ़ने मे चातुर- मैया पढ़ने मे चातुर …