Tag: shivdutt shrotriya

तुम्हे पढ़ना नहीं आया

जिंदगी की क़िताब कुछ बिखरने सी लगी है बेचने की ख़ातिर इसे मुझे मढ़ना नहीं आया || लोग कहते है कि मुझे पत्थर गढ़ना नहीं आया तुम्हे क्या ख़ाक …

कैसे जान पाओगे मुझको

कैसे जान पाओगे मुझको अगर तुमने प्रेम नही किया तो कैसे जान पाओगे मुझकोकिसी को जी भरकर नही चाहा किसी के लिए नही बहाया आँखों से नीर  रात भर …

अंतिम यात्रा, भाग -१

अंतिम यात्रा किसी की चूड़ियाँ टूटेंगी, कुछ की उम्मीदे मुझसे विदा लेगी रूह जब मुस्करा कर मुझसे कितनी बार बुलाने पर भी जो रिश्ते नहीं आये दौड़ते चले आएंगे वो …