Tag: शेरो शायरी

जो तुम साथ होते- शिशिर मधुकर

जो तुम साथ होते, तुम्हें देखते हम, तन्हा सी इतनी ना, ये रात होती कुछ अपनी भी कहते, तेरी भी सुनते, सारे जहाँ की, फिर बात होती तेरी गली …

उल्फ़त का ये अंदाज़ – शिशिर मधुकर

फ़कत आवाज़ सुनने से नहीं अब काम चलता है तुझे पाने का सपना मेरी इन अंखियॊं में पलता है तू मुझसे दूर रहती है मगर रिश्ता नहीं तोड़ा तेरी …

जादू भरे अल्फाज – शिशिर मधुकर

काश तुम मुझको पा जाते और मैं तुमको पा जाती खुशी चाहे कोई भी हो चल ले खुद अपने घर आती अधूरी हूँ तुम्हारे बिन तुम्हें समझाऊं अब कैसे …

उल्फ़त में दीवाने – शिशिर मधुकर

अरे उल्फ़त में दीवाने मेरे पीछे क्यों आता है घूम के जुड़ ही जाएगा अगर जन्मों का नाता है समय से ही मिला करती हैं सारी नेमतें जग में …

गुनाह- शिशिर मधुकर

अरमान टूटते हैं जब उल्फ़त की राह में दिल में मिलेगा दर्द एक ऐसी ही चाह में नज़रों से मैंने आज भी उसको किया दुलार लेकिन दिखी ना तिश्नगी …

घाव तन्हाई का- शिशिर मधुकर

मुहब्बत का सुकूँ सबको कहाँ जीवन में मिलता हैं चमन पा लेने भर से तो ना उसमें फूल खिलता हैं उमंगे मर चुकी जिनकी और जहाँ जोश ठण्डा हो …

काम जोरो पर है – डी के निवातिया

काम जोरों पर है +++ *** फूटी किस्मत लिखी, कागज़ कोरों पर है, खुद करके काली करतूत दोष औरों पर है !! टूट-फूट कर बिखरें, भू-माता के टुकड़ें उनकी …

इश्क की दौलत – शिशिर मधुकर

बड़े हो मुझसे तुम थोड़े मगर मैं तो ना डरती हूँ तुम्हारी हर अदा को ए सनम मैं प्यार करती हूँ तुम्हारे नाम की बिंदी और ये माँग में …

मुहब्बत का सूरज- शिशिर मधुकर

ना तुम साथ में हो ना खुशबू तुम्हारी ये जीवन कहो अब कैसे कटेगा मुहब्बत का सूरज जो छुप सा गया है अँधेरा ये मन का कैसे छंटेगा प्यार …

वक्त का क्या पता – शिशिर मधुकर

जवानी सबकी ढल जाएगी ज्यों ही शाम आएगी तेरे इस रूप की मय देख फिर ना काम आएगी महल इतना भी ऊँचा ना बना अपनी हिफाजत को ज़िन्दगी जीने …

मेरा सहारा – शिशिर मधुकर

तेरी आवाज़ ही अब तो बनी मेरा सहारा है हजारों फूल खिलते हैं तूने जब भी पुकारा है तू मेरी सांस बनके इस तरह जीवन में छाया है तेरे …

लाचारी – शिशिर मधुकर

मिलन की आरजू पे डर ज़माने का जो भारी है तेरी मेरी मुहब्बत में अजब सी कुछ लाचारी है दोस्तों दोस्ती मुझको तो बस टुकडों में मिल पाई बड़ी …