Tag: शेरो शायरी

ग़रीब की बेटी (विवेक बिजनोरी)

  “मुझको इस काबिल बनाया, खुद भूखे प्यासे रहकर, मेरे बाबा ने मुझको समझा है सबसे बेहतर। मैं ग़रीब की बेटी अपने बाबा का सम्मान करूँ, माफ़ करना हे …

सुनो ……शेरो शायरी—-डी. के निवातिया

सुनो, कुछ नही है तो यादो में आते क्यों हो पल – पल ख्यालो में आकर सताते क्यों हो न किस्मत अपनी, न जिगर तुममे इतना फिर सपने दीद …

जज्बा मुहब्बत का – शिशिर मधुकर

तेरा भरोसा आज भी खुलकर ये कहता है जज्बा मुहब्बत का तेरी रग रग में रहता है इन दुनियाँ वालों नें जब मुँह पर जड़े ताले दिल की बातें …

गुमसुम—डी. के. निवातिया

कुछ तो बात है जो गुमसुम हो, राज-ए-दिल कभी खोला करो, दिल ऐ हालात नही तो न सही, अपने लबो से तो कुछ बोला करो… !! ! ! डी. …

परिवर्तन – शिशिर मधुकर

मुझको यकीं हैं अपने खुदा पे वो लम्हा भी आएगा अपने दिल में बसा के मेरी छवि कोई मुस्कुराऐगा फूल खिलते हैं ऋतुओं में कभी मन की नही होती …

तृष्णा – शिशिर मधुकर

जो जगह मुझको दी तूने वहाँ किसको बसाया है मेरी आँखों में तो अब तक तेरा मुखड़ा समाया है मैं जन्मों का प्यासा हूँ तू जीवन दायिनी सुरसरिता अपनी …

बन्धन – शिशिर मधुकर

वो बन्धन जिनमें प्रेम ना हो होते हैं जहरीले तोड़े बिन उन सबको यहाँ कैसे कोई जी ले अन्दर छुपी हस्ती से ही तो आती है सुंदरता झूठे फरेबी …

बुजदिल – शिशिर मधुकर

तेरी सांसो की महक सांसो में मेरी शामिल है तेरे बिना सफ़र जिन्दगी का बहुत मुश्किल है तेरे हर अंग में मेरी मुहब्बत का पाक मंदिर है ये दिल …

कुदरत – शिशिर मधुकर

जिंदगी तू भी जाने कैसे कैसे रंग दिखाती है मुझसे नाराज़ हो के मुहब्बत भी दूर जाती है पतंग और डोर को जैसे भी बांधो साधो तुम हवायें साथ …

रहम-ओ-करम—डी के निवातिया

खेल तो सारा का सारा खुदा के रहम-ओ-करम का है ! वरना क्या तुझ में रखा है, और  क्या मुझ में रखा है !! ! ! ! रचनाकर ::-   …

मयखाने में क्या नशा रखा है—डी के निवातिया

लफ्जो की आइस क्यूब से मुहब्बत का जाम सजा रखा है । हमने तो तेरे लिये इन आँखों में ही मयकदा बना रखा है । पीना है तो हमारी …

साँसों को डोर —–डी. के. निवातिया

कुछ मीठी सी यादो संग, धुंधले से पलों में खुद को समेट रखा है इनमे ही बंधी है साँसों को डोर, और इनके सिवा जिंदगी में क्या रखा है …

सौगात —डी. के. निवातिया

आयी फिर याद भूली बात की तरह ! गुजरी है लश्कर-ऐ-बारात की तरह !! ! कितने बदल गये यार सब अपने वक़्त – बेवक़्त हालात की तरह ! ! …

तेरी यादे—शेर—डी. के. निवातिया

मेरे पास कौन सा कोई जादू या कमाल रखा है, ये बस तेरी यादे है जिन्होंने मुझे संभाल रखा है !! ! ! ! डी. के. निवातिया __________!!!

सुर……..डी. के. निवातिया !!

पत्थरो में खिला सकते है फूल बस जरा भावनाओ के सुर मिला लीजिये ! हमसफ़र बन जाये गर दुश्मन फिर राहे सफर का  अंजाम क्या कीजिये !! ! ! …

नादान दिल …..डी. के. निवातियाँ _

साथ निभाना नही था तो जिंदगी में आये क्यों थे जन्मो के बंधन रिश्तो के धागे में पिराये क्यों थे जब मालूम था खिलना तुम्हे किसी और के चमन …

जीने का मज़ा – शिशिर मधुकर

मुहब्बत तू ही ताकत है और तू ही है कमजोरी दुर्भाग्य से तू ना लिखी है किस्मत में यहाँ मोरी गर तेरा दिव्य संग मैं भी इस जहाँ में …