Tag: शेरो शायरी

निशां तो फिर भी रहते हैं – शिशिर मधुकर

भले ही घाव भर जाएं निशां तो फिर भी रहते हैं मुहब्बत के गमों को आज हम तन्हा ही सहते हैं वो पत्थर हैं ज़माने से कभी कुछ भी …

नई शुरुआत करते हैं – शिशिर मधुकर

भले ही मुद्दतों से हम ना तुमसे बात करते हैं तेरे ख़्वाबों में ही लेकिन बसर दिन रात करते हैं ये माना बाग़ उजड़ा है बहारें अब ना आती …

वायदा मेरा — डी के निवातिया

वायदा मेरा ! जाने क्यों मिटाने में लगा है मुझको कायदा तेरा मेरे मिट जाने में दिखा क्या तुझको फायदा तेरा मिट भी गया तो दफ़न हो जाऊंगा तेरे …

मैं सैनिक हूँ

मैं सैनिक हूँ मैं जगता हूँ रातभर चौकस निगाहें गड़ाए हुए उस जगह जहाँ अगली सुबह देख पाऊं इसमे भी संशय है उसके लिए जो अभी अभी छाती से …

कली ये प्रेम की – शिशिर मधुकर

रिश्तों की खातिर अक्सर मुहब्बत छूट जाती है अगर कमज़ोर हो धागा तो माला टूट जाती है कोई भी जान कर इस खेल में शामिल नहीं होता कली ये …

तन्हा — डी के निवातिया

तन्हा -♦-◊-♦- बड़ी तन्हा गुज़री है ये जिंदगी तेरे बिन खुशहाल तू भी नहीं रहा कभी मेरे बिन ! एक दूजे कि आरज़ू में गुज़री उम्र तमाम तजवीज़ बहुत …

प्यार की दिवाली – मेरी शायरी ……. बस तेरे लिए

प्यार की दिवाली दीपों का त्योहार है दिवाली हंसी खुशी और प्यार है दिवाली ………………. मोहब्बत का रंग जब चढ़े किसी पर फिर दिलभर का इज़हार है दिवाली ……………………. …

राज़ – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

राज़ दिल का हर राज़ मैं आज तुमको बता दूंगा ……………………. पर शर्त ये है के तुम भी अपना दिल खोल कर रख दो ………………………. शायर : सर्वजीत सिंह …

मंज़िल – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मंज़िल कई बार घबरा जाता है ये दिल देख कर ज़िन्दगी की मुश्किलें …………………… पर कभी मैं टूटा नहीं हौसला छोड़ा नहीं क्योंकि लगता है के मंज़िल बहुत करीब …

अश्क़ – मेरी शायरी ……. बस तेरे लिए

अश्क़ अश्क़ बहुत बहाये मैंने तेरी मोहब्बत में ……………… पर मुद्दत के बाद जाना के तू पत्थर का ईक बुत है …………………….. ! ! ! शायर : सर्वजीत सिंह …

ठेस — डी के निवातिया

ठेस ◊♦◊♦◊ जिसको जितना चाहा उससे उतना दूर हो गये जब-जब किया हौंसला तब-तब मज़बूर हो गये उनकी नज़रो ने हमें पत्थर से शीशा बना डाला    लगी क्या …

गलतफहमी – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

गलतफहमी दिल की ये तमन्ना थी कि हमसफ़र मिले कोई अपने जैसे मिज़ाज का मिल तो गया लेकिन अब पछता रहा हूँ ये सोच सोच कर कि कितनी बड़ी …

दो दूना बाइस — डी के निवातिया

दो दूना बाईस — बेवजह में वजह ढूंढने की गुंज़ाइश चाहिये ! काम हो न हो पर होने की नुमाइश चाहिये !! कौन कितना खरा है, किसमे कितनी खोट …

ठोकर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ठोकर ठोकर ना मारो मुझे रास्ते का पत्थर समझ कर ………………… अगर किस्मत ने उठा के मंदिर में रख दिया तो मैं पूजा जाऊँगा …………………………………….. शायर : सर्वजीत सिंह …

गर्म लावा जो बहता है- शिशिर मधुकर

तेरे दीदार को दिल हर घड़ी बेताब रहता है तू खुश रहे हरदम खुदा से बस ये कहता है संग तन्हाई के जीना कभी आसां नहीं होता पीड़ा बिछड़ने …

मुहब्बत और भरोसा- शिशिर मधुकर

मुहब्बत में दीवाने जन…जिस घड़ी बात करते हैं प्रणय के देवता तब…फूलों की बरसात करते हैं किसी के मन में बस जाए छवि जो कोई हौले से बसर उसके …

वो इत्तफाक नहीं – शिशिर मधुकर

मेरे हाथों में तेरा हाथ… जब भी आता है मैं दिल के पास हूँ तेरे..पता चल जाता है तेरे सीने से लग…मुझको सुकून मिलता है सारे ग़म छोड़ के…ये …

चुप रहने वाले – शिशिर मधुकर

सदा चुप रहने वाले जिससे खुल के बात करते हैं बसर उसकी मुहब्बत में ही वो दिन रात करते हैं दिल के हाथों यहाँ मजबूर… सारे हो ही जाते …

बस रिश्ते निभाने में – शिशिर मधुकर

गुज़र जाती है सारी उम्र बस एक प्यार पाने में मुझे तो हार मिलती आई है संगदिल ज़माने में मुहब्बत के लिए मैं ज़िन्दगी भर प्यास से तड़पा सुबह …

तेरा यूँ दूर रहना – शिशिर मधुकर

नशा तेरी मुहब्बत का मुझको हैरान करता है तेरा चेहरा मेरे ख़्वाबों में आ परेशान करता है मुद्दतें हो गईं इस बज़्म में शिरकत ना की तूने तेरा यूँ …