Tag: शेर

मुफ़लिसी (विवेक बिजनोरी)

“गुलिस्तां -ऐ-जिंदगी में खुशबू सा बिखर के आया हूँ, हर एक तपिश पर थोड़ा निखर के आया हूँ इतना आसां कहाँ होगा मेरी हस्ती मिटा देना, मैं मुफ़लिसी के …

नशा क्या होता है — डी के निवातिया

हमने न शौक फरमाया था जिन्दगी में कभी मयकदे जाने का एक बार तेरी आँखों से पी तो समझ आया नशा क्या होता है !!  

दवाखाने में क्यूँ छोड़ा जरा चलते तो मैखाने

“बुरा क्या था अगर इस दर्द के मै साथ में दिलबर…  तुम्हारी याद भी चलकर मिटा लेता अगर थोड़ी…   दवाखाने में क्यूँ छोड़ा जरा चलते तो मैखाने…  दवा के …

हिन्दू मुसलमान

पहले अच्छे इंसान बनो फिर हिन्दू या मुसलमान बनो .. धर्म के नाम पर इंसानियत छोड़कर शैतान न बनो … इंसानियत सीखता है हर धर्म अपने धर्म को मानने …

कुछ यूँ जिया मैं….IBN

कुछ यूँ जिया मैं उससे,जुदा होके… जैसे बिखरा कोई कस्ती,तुफां मे फन्ना होके..! जुड़ा रिस्ता कुछ इस कदर,उसकी यादों से अब… जैसे ज़िंदगी बसी है,सांसो मे,रवाँ होके…!! ————————— Acct- …

तेरी बन्दिगी – शिशिर “मधुकर”

काश आ जाते तुम चुपके से मेरी-इस जिंदगी में हम भी लगा लेते ये मन फिर तो तेरी बन्दिगी में . तब हर तरफ फैली उदासी और गिले-शिकवे ना …

लाली का राज

लोग पूछते है हमारी आँखे कि लाली का राज अब उन्हें कैसे बताये इन सुर्ख नैनों का हाल ! पीकर नफरतो के भरे जाम जिंदगी में हमने जिया इस …

गुजरा जमाना

याद आता आज वो गुजरा जमाना नजरो के पैमाने से पीना पिलाना ! करके गुस्ताखियाँ नजर का चुराना जागे जागे सोना नींद में मुस्कुराना !!

रेत है खाली

समंदर पे चमकती धूप, किनारे रेत है खाली! हसीं मंज़र नहीं दिखते, अगरचे पेट है खाली! तू क्यों रूठ कर बैठा है दुनिया देखने वाले! कहीं है बाढ़ का …

मलाल-ए-दिल

दिल है मेरा क़ायल इश्क का क़ीमत इसकी बताइये, हाल है मेरा बेहाल ख़ुश्क सा आफ़त इसकी बताइये । जिस्म मेरा घायल अश्क़ का उक़ूबत इसकी बताइये, जख्म मेरा …