Tag: सर्वजीत सिंह

महफ़िल – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

महफ़िल ए बेवफा तेरा मुहँ फेरना भी हमें तड़पा ना सका ………………………………. क्योंकि महफ़िल में हसीं हैं ओर भी बहुत हमसे दिल लगाने के लिए …………………………………………. शायर : सर्वजीत …

अहसास – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

अहसास प्यार अपना बदला नहीं इस बदलते मौसम में ………………………….. पर देखिये मौसम का असर अहसास बदल गए ……………………………….. शायर : सर्वजीत सिंह sarvajitg@gmail.com

नाज़ुक – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

नाज़ुक बहुत नाज़ुक होता है रिश्ता मोहब्बत का जो ज़रा सी ठेस से ही टूट जाता है …………………. चाहे लाख वादे कर लो साथ जीने मरने के पर ज़रा …

हसरत – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

हसरत मेरी हसरत थी कि उनका प्यार मिले ……………………………………. उनकी हसरत थी कि मुझ जैसा यार मिले आग बराबर लगी थी दोनों तरफ मोहब्बत की ……………………………… फिर भी ना …

मगरूर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मगरूर मैं तो डरता हूँ उसकी तारीफ़ करने से ……………………….. के कहीं वो ओर भी मगरूर ना हो जाये हम तो दीवाने हैं उसके हुस्न के ……………………………………… लगता है …

कबूल – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

कबूल सकून मिलता नहीं सिर्फ उसे देख लेने से …………………… उसको बाहों में भर लेने का दिल करता है ना जाने मेरी मोहब्बत उसे कबूल हो के ना हो …

बहाने – सर्वजीत सिंह

बहाने आजकल के नौजवान प्यार में कितने दीवाने होते हैं आपको बतायें घर में लेट आने के क्या क्या बहाने होते हैं कभी कभी तो स्पेशल क्लास का बहना …

ये दिल तरसता है – गीत – सर्वजीत सिंह

सावन के महीने में एक पुराना गीत आपकी नज़र ये दिल तरसता है जब होती है बरसात बादल गरजता है साजन तुझसे मिलने को ये दिल तरसता है के …

दिल लगाना – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दिल लगाना हुस्न वालों से दिल लगाने की ख्वाइश रखते थे हम दिल में …………………………………… पर मोहब्बत में दिल लगाने के बाद ये जाना के हर शख्स परेशान सा …

दीदार-ए-यार – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दीदार-ए-यार मोहब्बत में गुज़रता है हर पल बस ख्वाइश-ए-दीदार-ए-यार में …………………………… कुछ वक़्त गुज़रा तसव्वुर में साथ रह कर कुछ उसके इंतज़ार में …………………………………………. शायर : सर्वजीत सिंह sarvajitg@gmail.com

तेरी मोहब्बत – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

तेरी मोहब्बत तेरी मोहब्बत ने तराश दिया मुझको मैँ भी अनमोल हो गया ……………………………… वरना ठोकरें खा रहा था दुनिया की रस्ते के पत्थर की तरह …………………………………………. शायर : …

दौलत – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दौलत खुदा ने दी है जो दौलत हुस्न की उसे तो कोई चुरा नहीं सकता ………………….. पर डाका डाल देते हैं आशिक़-ए-दिलों पर ये बेरहम, बेदर्द हुस्न वाले ……………………….. …

क़यामत – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

क़यामत सुना है एक दिन क़यामत आयेगी पर क्या बतायें दोस्तों …………………………… वो तो हर रोज़ ही निकलती है अपनी गली से हमारे दिल पर सितम ढाते हुए ……………………………. …

होंठ – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

होंठ सिल जाते हैं होंठ अपने उनके मुस्कुराते ही ……………………….. वरना सोचा था के कर देंगे प्यार का इज़हार हम आज उनके आते ही ……………………….. शायर : सर्वजीत सिंह …

ठेस – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ठेस लबा लब भरा है दिल मेरा तेरी ही मोहब्बत से …………………………….. कहीं ठेस ना लगा देना के वो टूट के बिखर जाये ……………………………. शायर : सर्वजीत सिंह sarvajitg@gmail.com

कह दो उनसे – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

कह दो उनसे वो हमें इतना याद ना किया करें कोई कह दो उनसे जा कर ……………………… बहुत तड़पाते हैं वो हमें हमेशां हमारे ख़्वाबों में आ कर ……………………… …

गैर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

गैर अपने लोग ही गम देते हैं दूसरे तो हाथ थाम लेते हैं …………………. किसको अपना समझें किसको गैर किससे दोस्ती रखें किससे बैर …………………… ये तो पता तब …

दिलकश – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दिलकश दिलकश निगाहें उनकी अपना दिल खींच के ले जाती हैं ……………………….. और हम भी खींचे चले जाते हैं उनकी ओर अपने मोहब्बत भरे दिल के साथ …………………………… शायर …

दो कदम – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दो कदम तूफ़ान से टकराने की हिम्मत ………………………….. कभी रखते थे हम उनकी मोहब्बत में दो कदम अब चल नहीं सकते ……………………….. दिल के टूट जाने के बाद शायर …

चाहत – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

चाहत आशिक़ी आँखों से होती है ………………………… मोहब्बत की जाती है दिल से प्यार करने वाले तो बहुत मिलते हैं …………………….. पर चाहत मिलती है बड़ी मुश्किल से शायर …

ईद – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ईद ईद तो हम भी मना ही लेते पर मना ना पाये यारो ……………………………. क्योंकि चाँद अपना निकला ही नहीं घूंघट की आड़ से ………………………………….. शायर : सर्वजीत सिंह …

हकीकत – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

हकीकत नज़रे इनायत हो गई खुदा की तो अपनी किस्मत ही बदल गई …………………………. तस्वूर में अक्सर देखा करते थे जिसे वो हकीकत में मिल गई ……………………………………… शायर : …

जुर्रत – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

जुर्रत बड़े गुमान से भेजा था हमने पैगाम अपनी मोहब्बत का और बड़ी ही शिद्दत से आया उनका भी जवाब ……………………………… के इक बार अगर खुद को आईने में …

दर्दे दिल की दवा – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दर्दे दिल की दवा उनकी नफरत भी हमको इक अदा लगती है ……………… उनकी गाली भी हमको इक दुआ लगती है हम तो दीवाने हैं उनके बड़ी मुद्दत से …