Tag: raquimali’s poem

संकल्प

सब बातों को छोड़, बात करते हैं बीएसएनएल की संचार-व्यस्था का यह अग्रदूत, है जो नियोक्ता हमारा। यही हमें रोटी देता है, यही कपड़े भी देता है हमको हमारे …

ये मधुर एहसास मेरे-Raquim Ali

।आप सभी गुणी जन को सपरिवार नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। ये मधुर एहसास मेरे ये नहीं बिल्कुल अकेले साथ में हैं सारी यादें साथ हैं सारी अदाएं। …

अगर त्योहार न आते…Raquim Ali

अगर त्योहार न आते कैसा लगता? बेहद फीका-फीका लगता इतने चुस्त-दुरुश्त न हो पाते हम इतने रोमांचित न हो पाते। जवान न इतना मचल पाते बच्चे, गुब्बारे न उड़ाते …

हमसे कोई क्या टकराएगा..Raquim Ali

सिक्किम,  अरुणाचल की छोड़ो चीन, एक इंच भूमि न ले पाएगा किसी भी देश की क्या जुर्रत है, भारत को जो आँख दिखाएगा? भारत महाबली, परमाणु-सम्पन्न है, अब कमजोर …

ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं…Raquim Ali

*ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं* इल्म व आमाल से, जो हैं रोशन जिंदा हैं वे, जिंदग़ी है उनकी वाज़ करते हैं जो सीधी राहों की और …