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रक्षाबंधन…Raquim Ali

रक्षाबंधन जब-जब आता है, रक्षाबंधन का यह प्यारा त्योहार चित्त प्रसन्न हो जाता है, झूम जाता है सारा परिवार फिर से बढ़ जाता है, भाई-बहन में आपस का प्यार। …

अगर त्योहार न आते…Raquim Ali

अगर त्योहार न आते कैसा लगता? बेहद फीका-फीका लगता इतने चुस्त-दुरुश्त न हो पाते हम इतने रोमांचित न हो पाते। जवान न इतना मचल पाते बच्चे, गुब्बारे न उड़ाते …

मुस्कुराहट…Raquim Ali

मुस्कुराहट 1. अपनों की: देखीं, ख़ुशी की कभी शरारत की मुस्कुराहटें। ममता भरी जो मुस्कराहटें थीं अभी याद हैं। डांट से युक्त वालिद की मुस्कानें लाज़वाब थीं। ………………………. 2. …

ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं…Raquim Ali

*ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं* इल्म व आमाल से, जो हैं रोशन जिंदा हैं वे, जिंदग़ी है उनकी वाज़ करते हैं जो सीधी राहों की और …