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परीक्षा का मौसम…-पियुष राज

Exam Special Poem परीक्षा का मौसम…. सर्दी अच्छी है,गर्मी अच्छी है बरसात में नहीँ है कोई गम सबका सर है चकराने लगता जब आता है परीक्षा का मौसम पढ़ने …

वो रास्ता… पियुष राज

वो रास्ता.. जिस रास्ते से गुजरती थी वो वो रास्ता मुझे उसकी याद दिलाता है जब भी गुजरता हूं उस रास्ते से तो उसका चेहरा मेरी आँखों में आता …

अनमोल है बेटियां…-पियुष राज

अनमोल है बेटियां अगर बेटे हीरा है तो हीरे की खान है बेटियां अपने घर-गांव-देश की पहचान है बेटियां अगर बेटे सूरज है तो गंगा की अविरल धारा है …

नववर्ष की बधाई….-पियुष राज

नववर्ष की बधाई… दुनिया आगे बढ़ती रही बढ़ती रही समय की चाल खट्टी-मीठी यादों के साथ बीत गया यह साल… कुछ पाया ,तो कुछ खोया कभी हँसा ,तो कभी …

डिजिटल क्रांति का दौर…-पियुष राज

  डिजिटल क्रांति का दौर… विकसित होने की राह में बढ़ रहा है भारत देश सारे लेन-देन होंगे अब से कैशलेस सारी सुविधाएं ऑनलाइन होंगी अब नही लगेगा कतार …

मत बैठो कभी खाली…-पियुष राज

मत बैठो कभी खाली… अपने जीवन में खुशियों की तुम बढ़ाते रहो डाली कुछ-ना-कुछ करते रहो मत बैठो कभी खाली अपने जीवनकाल में जो समय को व्यर्थ गवांते वे …

संकल्प-पियुष राज

संकल्प देश को आगे बढ़ाने का देश के लिए कुछ कर जाने का आओ मिलकर संकल्प करें भारत को साक्षर बनाना है हर बच्चे को स्कूल पहुँचाना है बेटा-बेटी …

सबकी अपनी सोच-पियुष राज

सबकी अपनी सोच के रंग अलग हैं,रूप अलग हैं अलग हैं सबकी सोच आपका जीवन कैसा होगा तय करेगी आपकी सोच सकारात्मक सोच वालों का सपना होता हैं साकार …

धरती माँ की पुकार-पियुष राज

धरती माँ की पुकार मच गया है हाहाकार धरती मां की सुनो पुकार मत काटो तुम पेंड़ो को बंद करो ये अत्याचार होती है तकलीफ मुझे जब काटते तुम …