Tag: देशभक्ति कविता

मैं सैनिक हूँ

मैं सैनिक हूँ मैं जगता हूँ रातभर चौकस निगाहें गड़ाए हुए उस जगह जहाँ अगली सुबह देख पाऊं इसमे भी संशय है उसके लिए जो अभी अभी छाती से …

गौरव उत्थान

देश गौरव पर अच्छी आवाहन कविता – भारत भू वीरोँ का गौरव वीरोँ का स्थान ऋषि मुनि यति तपस्वी योगी करते पुण्य सुखद विश्राम । जहाँ सत्यशोधक लोग बढ़े …

कैसे भूल सकता हूँ……..

उस दिन की बातें कैसे भुल सकता हूँ? दूसरों के गुलाम में था खाया हूँ अंग्रेज़ों की मार उसकी निशानी अब भी है मेरी देह पर देश को अाजाद …

रोशन ये गुलिस्तां रहे

रूद्र अवतरित रूह अपनी हर दिशा है डोल रही माटी के बेटों की कहानी गली गली है बोल रही संगीन है रंगीन अब मुहं पर रक्तचाप लिए मुट्ठियाँ भींच …

लहरा के कहता है तिरंगा – बाल कविता

लहरा के कहता है तिरंगा सब जवानों आज तो तुम्हें बचाना है अपनी भारत माँ की लाज को पी कर जिसके दूध को बने करमचंद से महात्मा भगतसिंह सुभाष …

मेरे देश की माटी सोना…

मेरे देश की माटी सोना… मेरे  देश  की  माटी  सोना, सोने का  कोई काम ना, जागो   भैया   भारतवासी,  मेरी   है   ये   कामना। दिन तो  दिन है  रातों को  भी …

जो कुछ भी इस देश में है

जो कुछ भी इस देश में है, सारा का सारा हिंदी है. हर हिंदी भारत माँ के माथे की उज्जवल बिंदी है…. मणिपुरी, कथकली, भरतनाट्यम, कुचपुडी, गरबा अपना है. …