Tag: बेटी पर कविता

ऐ मेरी प्यारी गुड़िया

ऐ मेरी प्यारी गुड़िया जीवन से भरी,खुशियो की कड़ी जब से आई तू मेरे अंगना मेरे भाग्य खुले घर लछ्मि बसी ऐ…… तेरे मासूम सवालो की लड़ी तोतली जुवा …

बिटिया रानी…..चली गयी –डी. के. निवातिया

(यह रचना बिटिया की विदाई के बाद घर में उपजे माहौल पर प्रकाश डालती है, इसका पूर्ण आनंद लेने के लिए ह्रदयतल की गहराइयो में उतर कर रसास्वादन करे …

आखिर वो कौन है ……….??? (बेटी)

आखिर वो कौन है ……….??? चाहती है दिलो-ओ -जान से मुझ पे वो कितना मरती है बुनती हर ख्वाब निश दिन मेरे आसरे वो दम भरती है नित संध्या …

मुझको मेरा हक दो……………..

मुझको मेरा हक दो पापा बहुत कुछ कर दिखलाऊँगी ! लेने दो खुली हवा में सांसे बेटे से ज्यादा फर्ज निभाऊंगी !! मुझको मेरा ……………… कर दिखलाऊँगी !! उड़ने …

मेरी बिटिया निर्धनी

चन्दन के द्वारे हैं तेरे मुझ की कुटिया अनमनी राजी राजी पंख पखारे अपनी कहानी अनकही सौरभ का खटोला डोले खटिया अपनी जर सनी सप्तरस ले चटकारे चटनी अपने …

बिटिया

**बिटिया** दुनिया का भी दस्तूर है जुदा, तू ही बता ये क्या है खुदा? लक्ष्मी-सरस्वती, हैं चाह सभी की, क्यों दुआ कहीं ना इक बेटी की ? सब चाहे …

Beti balidano ka ghar (बेटी बलिदानों का घर) POEM No. 4 (Chandan Rathore)

हुई बेटी की विदाई तब जाना क्या होती हे बेटी बचपन से पला पोसा सब प्यार दिया आज जब वो दूर हुई तो जाना क्या होती हे बेटी बेटी …