Tag: लाचारी /विवस्तायों मे फंसी ज़िन्दगी

एक रैन मिल जाए – शिशिर मधुकर

तू बाहों में अगर भर ले मुझे तो चैन मिल जाए बड़े नज़दीक से तेरे नैनॊं से मेरे नैन मिल जाए बड़ी तन्हा सी गुजरी है अब तलक जिंदगी …

मैल असली – शिशिर मधुकर

तूफानों में ही रिश्तों की ताकत का पता चलता है आवरण धुलने पर मैल असली बाहर निकलता है छुपी गन्दगी दिलों की जब दो आँखों के सामने हो मजबूरी …

इसका मलाल है – शिशिर मधुकर

समझा मुझे ना कोई बस इक इसका मलाल है क्या मेरा भी इस जहान में किसी को ख़याल है तन्हा चला सफर में सदा किसी साथ के बिना ज़िन्दा …

बंजर संवर गया – शिशिर मधुकर

किस्मत ना हुई साथ मैं तो जिधर गया टकरा के सूखी चट्टान से मैं बिखर गया वो दूसरे हैं वक्त ने जिन पे करम किया प्यार की बारिश में …

स्नेह का मरहम – शिशिर मधुकर

दिल के हाथों बहुत सह लिया अब दिमाग से जीयेंगे जैसे के संग तैसा करके अब विष के आँसू ना पीयेंगे जब कोई पास नहीं है जो मुझको स्नेह …

कहाँ मुस्कान आएगी – शिशिर मधुकर

मुहब्बत जिस जगह ना हो कहाँ मुस्कान आएगी घृणा की आग एक दिन पूरे घर को ही जलाएगी लाख कोशिश करो महके ये गुलिस्ता ए जिन्दगी काग़ज़ के फूलों …

अकेले – शिशिर मधुकर

ना होगी बात खुद को मेरी नज़रों से बचा लोगे पर इस दिल में छुपी मेरी सूरत कैसे निकालोगे सफ़र में सोचा था मिलकर करेंगे दूर सब काँटे अकेले …

मुझे था प्यार फूलों से – शिशिर मधुकर

मुझे था प्यार फूलों से पर अपनाया बबूलों को जिंदगी से निकालूँ अब मैं कैसे इतने शूलों को वक्त के सामने मैं अपने मस्तक को झुकाता हूँ विनय है …

माफ़ कर देना –शिशिर मधुकर

तुम्हारा दिल दुखाया है मुझको तुम माफ कर देना शक और शुबहा मन से सकल तुम साफ़ कर देना मैं अंतस तक छलनी हूँ अपने ही लोगों के वारों …

समय बलशाली होता है – शिशिर मधुकर

समय बलशाली होता है नहीं रहता ये हरदम साथ ना छोड़ो मुफलिसी में तुम कभी भी दोस्तों के हाथ चलेँगी आँधियां तो कोई भी ना इनको रोक पाएगा जमीं …

मुहब्बत दिल में हो तो -शिशिर मधुकर

मुहब्बत दिल में हो तो दिल की बातें जान जाते हैं तेरे चेहरे से ग़म और खुशियाँ सब पहचान जाते है तू हमसे लाख चाहे ना मिले और ना …

मुहब्बत जो मिली होती – शिशिर मधुकर

मुहब्बत जो मिली होती हाल ए दिल ये नहीं होता तंहाइयो में यूँ ग़मज़दा हो के फिर मैं भी नहीं रोता कोई रास्ता मिलता मुझे जो सहरा में सम्भलने …

बदलता वक्त – शिशिर मधुकर

बदलता वक्त है अब उल्फत का कोई दाम नहीं फकत प्यार की बातों से तो मिलता आराम नहीं इस जज़्बात में जो अपनी ज़िंदगी का नास करें ऐसे मूरख …

आस – शिशिर मधुकर

हवाएं नहीं चलती तेरी खुशबू हो जिनके पास बहारे फिर से आएँगी नहीं देता है कोई आस साँसें चल रही हैं यूँ तो जिम्मेदारी निभाने को चाहत बिना ये …

तुम्हारा साथ – शिशिर मधुकर

तुम्हारे साथ में हर दिन आसानी से कट जाता है सुख दुःख जीवन के सब सहने में मज़ा आता है मतलबी रिश्तों के लिए मगर संग मैंने छोड़ दिया …

मशीनों से बनो – शिशिर मधुकर

मशीनी युग में जीते हो मशीनों से बनो तुम भी कमानों से वो चलती हैं कमानों से चलो तुम भी मशीनें दिल नहीं रखतीं वो चलती हैं या रुकती …

भोर भी होगी – शिशिर मधुकर

घायल है मेरा मन किसे दिखलाऊँ चोटों को मैं सारी उम्र तरसा हूँ प्रेम के प्यासे होठों को अपना समझ के मैंने जिसे घर में बसाया था मेरे सम्मान …

फिरोजाबाद की गलियाँ देखो, यूपी की रंग-रलियाँ देखो,….~Gursevak singh pawar

फिरोजाबाद की गलियाँ देखो, यूपी की रंग-रलियाँ देखो, चन्द्रमा की रोशनी की ठंडक से भी ठंडा न होता, वहां का जीवन, लोगो का वो सुहाग बनती, अपने आप को …

तेरे अल्फाज – शिशिर मधुकर

तेरे अल्फाज सुनने को मैं ज्यों बेताब रहता हूँ निज मन की ये बात लो खुलकर के कहता हूँ तुम्हारे मान वर्धन से मुझको संतोष मिलता है खुशी के …

मालियों के हाथ – शिशिर मधुकर

अगर पौधा लगाया है उसे पानी तो देना है धूप मिलती रहे उसको सभी लोगों से कहना है अगर तुम भूल जाओगे तो वो फ़िर जड़ फैलाएगा जिधर से …