Tag: लाचारी /विवस्तायों मे फंसी ज़िन्दगी

रात तन्हाई की – शिशिर मधुकर

चाह फूलों की थी मुझको, मगर कांटों ने घेरा है नज़ारा कौन सा कुदरत ने देखो,आखिर, उकेरा है मुहब्बत की चाह रखना, गुनाह कोई नहीं होता मगर इस वक्त …

किस्मत के धोखे – शिशिर मधुकर

किस्मत के धोखे,ज़िन्दगी में, जब भी आते हैं कुछ भी करो, दिल को मगर, वो तो दुखाते हैं कभी सोचा ना था, यूँ ज़िन्दगी भी, रूठ जाएगी कुछ अपने …

पास आते तुम – शिशिर मधुकर

कमी तुम को अगर महसूस होती पास आते तुम यूँ ही रूठे ना रहते मुस्कान दे मुझको मनाते तुम लम्बी राहें मुहब्बत की कभी आसां ना होती हैं जलजलों …

अंदाज़ ए मुहब्बत – शिशिर मधुकर

सब कुछ लुटा के प्यार से मुझको ही लूटा है अंदाज़ ए मुहब्बत ये तेरा बिल्कुल अनूठा है शीशा ए दिल में पहले तो तेरी एक छवि थी छवियां …

बेचैनियां – शिशिर मधुकर

बेचैनियां घटती नहीं और दिल उदास है दूर है मेरी ज़िंदगी अब आती ना पास है मुद्दत हुईं आगोश में जो उसके सर रखा आज भी छूटी नहीं मिलने …

काल जीवन का – शिशिर मधुकर

मुहब्बत जिसने की मुझसे न संग उसने निभाया है अब तलक काल जीवन का ये मैंने तन्हा बिताया है सभी बस छल गए मुझको लुटा बैठा हूँ मैं अब …

धूप देखो तो ना खिली – शिशिर मधुकर (बिना रदीफ की ग़ज़ल )

लाख ढूंढा किया फिर भी मुहब्बत मुझको ना मिली रात गुजरी है दिन निकला धूप देखो तो ना खिली घाव देता रहा जो भी मिला उल्फ़त की राहों में …

सीने से लगा मुझको – शिशिर मधुकर

वो मेरे पास आया था दे गया पर दगा मुझको मुहब्बत में हर इंसा नें हमेशा ही ठगा मुझको वो मेरे साथ रहता है मगर मेरा नहीं दिखता ढूंढने …

ये एहसान तेरा है – शिशिर मधुकर

कहाँ जाएं मिलें किस से बड़ी मुश्किल ने घेरा है मुझे अपनों नें क्या लूटा कोई दिखता ना मेरा है मुझे रिश्तों में जकडा है मगर ना प्यार बरसाया …

मिला ना वो मगर अब तक – शिशिर मधुकर

मुहब्बत जिस को होती है वो तो नज़दीक आता है खुद की हस्ती को साथी के लिए जड़ से मिटाता है जो रिश्ता निभाता है फ़कत एक आस के …

सैलाब की नीयत – शिशिर मधुकर

मैं तन्हा हूँ राह साथी की जाने कब से तकता हूँ फना होती हैं उम्मीदें ग़म का मारा सा थकता हूँ मेरी आँखों में आंसू तो नज़र ना आएंगे …

टूटने की भी सीमा है – शिशिर मधुकर

मन की बात खुलकर के जहाँ पे कह नहीं सकते ऐसे हालातों में इंसान कभी खुश रह नहीं सकते तेरे नज़दीक आते हैं तो फ़कत रुसवा ही होते हैं …

अगर दिल खूबसूरत है – शिशिर मधुकर

अगर दिल खूबसूरत है नज़र चेहरे पे आता है कोई मुखड़ा मुझे हरदम तभी इतना लुभाता है मुहब्बत वो नहीं समझा उम्र गुजरी है पर सारी साथ एक ऐसे …

अभी उम्मीद बाकी है – शिशिर मधुकर

वो मेरे साथ रहता है मगर फिर भी ना मेरा है फ़कत तन्हाइयों नें ज़िन्दगी में मुझको घेरा है बड़ी लम्बी हुईं है रात इस जीवन के मेले की …