Tag: लाचारी /विवस्तायों मे फंसी ज़िन्दगी

तेरी आवाज़ – शिशिर मधुकर

तेरी आवाज़ को सुनना सुकूँ एक रूह को देता है शिकायत है मगर मुझको ख़बर तू क्यों ना लेता है प्यार बरसेगा जो तेरा चैन कुछ आ ही जाएगा …

मुहब्ब्त की प्यास – शिशिर मधुकर

मिलन की चाह की देखो फ़कत बातें वो करता है कभी कोशिश करे ना कुछ पास आने से डरता है कोई सच्ची मुहब्बत अब न उसके पास है देखो …

कर्तव्य की गठरी – शिशिर मधुकर

एक बात मन की दोस्तों तुमको बतानी है कुछ दर्द में डूबी फ़कत अपनी कहानी है ढूंढा जिसे उल्फ़त मुझे न कोई मिल सकी ग़म झेलती देखो तन्हा कब …

मतलब की यारी – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ना रखी दिल में फ़कत मतलब की यारी है ज़िन्दगी किस तरह आखिर तुमने मेरी संवारी है मेरे सपने सभी टूटे तेरे संग फिर भी रहता हूँ जिम्मेदारी …

ख्वाब उल्फ़त का – शिशिर मधुकर

सोचता खुद की तो ये रिश्ता नहीं जोड़ा होता सफ़र के बीच यूँ ही तेरा हाथ ना छोड़ा होता घरोँदा तेरा वो अगर मुझको अजीज ना होता रुख तूफां …

करार – शिशिर मधुकर

सुन ले मैं थक चुका हूँ तेरे इंतज़ार में दूरी ये अच्छी नहीं इतनी भी प्यार में दुश्वारियां कबूल थी जब साथ में चले खामोशी मगर थी नहीं अपने …

रात तन्हाई की – शिशिर मधुकर

चाह फूलों की थी मुझको, मगर कांटों ने घेरा है नज़ारा कौन सा कुदरत ने देखो,आखिर, उकेरा है मुहब्बत की चाह रखना, गुनाह कोई नहीं होता मगर इस वक्त …

किस्मत के धोखे – शिशिर मधुकर

किस्मत के धोखे,ज़िन्दगी में, जब भी आते हैं कुछ भी करो, दिल को मगर, वो तो दुखाते हैं कभी सोचा ना था, यूँ ज़िन्दगी भी, रूठ जाएगी कुछ अपने …

पास आते तुम – शिशिर मधुकर

कमी तुम को अगर महसूस होती पास आते तुम यूँ ही रूठे ना रहते मुस्कान दे मुझको मनाते तुम लम्बी राहें मुहब्बत की कभी आसां ना होती हैं जलजलों …

अंदाज़ ए मुहब्बत – शिशिर मधुकर

सब कुछ लुटा के प्यार से मुझको ही लूटा है अंदाज़ ए मुहब्बत ये तेरा बिल्कुल अनूठा है शीशा ए दिल में पहले तो तेरी एक छवि थी छवियां …

बेचैनियां – शिशिर मधुकर

बेचैनियां घटती नहीं और दिल उदास है दूर है मेरी ज़िंदगी अब आती ना पास है मुद्दत हुईं आगोश में जो उसके सर रखा आज भी छूटी नहीं मिलने …