Tag: प्रेरणापूरक काव्य

नया सवेरा, नयी उमंगें – अनु महेश्वरी

रात का अंधेरा छटने लगा, गगन में छाने लगी, सूरज की लालिमा। पक्षियों ने चहचहाना शुरू किया, नया सवेरा, नयी उमंगें लेकर आया। भोर के उजाले ने, जगाया मुझे …

स्वदेशी अपनाये ,दिवाली मनाये

भारतीय संस्कृति का पर्व है भारतीय त्यौहारl जगमग दीप जलाकर रोशन करे घर-बाहरll भीनी-भीनी मिट्टी लेकर आओ दीप बनाये l दीपो की इन मालाओ से घर-आँगन सजाएँ ll चावल,हल्दी …

पढ़ने से तो अच्छा होता ……“मनोज कुमार” |गीत|

पढ़ने से तो अच्छा होता अनपढ़ ही रहते दूर ना जाते घर से गाँव की मिट्टी में रहते जॉब ना लगने का डर रहता ना बचपन खोते माँ बाबा …

मुझे भारत कह कर पुकारो ना …..( कविता)

मुझे भारत कह कर पुकारो ना …..( कविता) मत पुकारो मुझे तुम India, मुझे मेरे नाम से पुकारो न , निहित है जिसमें प्यार व् अपनापन , मुझे भारत …