Tag: प्रेरणापूरक काव्य

रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाओं सहित एक रचना

धर दिव्य-देह मानव का पुरूषोत्तम बनना होगा जिस पथ पर श्रीराम चले उस पथ पर चलना होगा मायावी इस दुनिया में छल-प्रपंच और कपट भरे जनता शोषित पीड़ित है …

आज का नवयुवक — डी. के. निवतिया

अजीब हाल में दिखता आज का नवयुवक जागा हुआ है, मगर कुछ खोया खोया सा हँसता हुआ दिखता, पर कुछ रोया-रोया सा जीवन संघर्ष की दौड़ में, जा रहा …

जगाने आया हूँ — डी के निवातिया

न कोई हंगामा न कोई बवाल करने आया हूँ बिगड़े हुए हालातो से आगाह करने आया हूँ सोये हुए है आजादी के दीवाने कई बरसो से गहरी नींद से …

फ़कत प्यार – शिशिर मधुकर

तू हँसती है तो मैं गुलाबों को झरते देखता हूँ तेरी महफिल में फ़कत प्यार भरते देखता हूँ मैंने नज़रों से जब भी तुझे कोई पैगाम दिया तुझे नज़रों …

उधम सिंह सरदार… ~Gursevak singh pawar

उधम सिंह सरदार… देश की शान बचाने वाला, देश का मान बढ़ाने वाला !! उधम सिंह सरदार… पंजाब की मिटटी मे पैदा होकर, तुमने गुरुओं का मान बढ़ाया !! …

भारत मेरा देश सलोना आगे बढने का कम यंहा कोना ~Gursevak singh pawar

दोस्तो यह मेरी नई कविता उन यवाओं की स्थिति बताती है जो आज युग मे भी आगे नही बढ़ पा रहे आज के इस टेक्नोलॉजी के युग में भी …

फिरोजाबाद की गलियाँ देखो, यूपी की रंग-रलियाँ देखो,….~Gursevak singh pawar

फिरोजाबाद की गलियाँ देखो, यूपी की रंग-रलियाँ देखो, चन्द्रमा की रोशनी की ठंडक से भी ठंडा न होता, वहां का जीवन, लोगो का वो सुहाग बनती, अपने आप को …

नया सवेरा, नयी उमंगें – अनु महेश्वरी

रात का अंधेरा छटने लगा, गगन में छाने लगी, सूरज की लालिमा। पक्षियों ने चहचहाना शुरू किया, नया सवेरा, नयी उमंगें लेकर आया। भोर के उजाले ने, जगाया मुझे …