Tag: प्रेरणापूरक काव्य

बस यूं ही जगमगाते रहना

अक्सर और अधिकांश कई लोगों को रौशनी बहुत ही पसंद होती है और जब बात करे दिए कि तो वो बहुत ही सुंदर दिखती है बिल्कुल फूटरी आनंदी की …

बिन पटाखे दिवाली सून

प्रदूषण की आड़ में बंद कर दी आतिशबाज़ी l बोले ना होगा धुआँ ना होती पैसो की बर्बादी ll समझ नहीं आता क्या प्रदूषण यही फैलता है l सिगरेट का धुआँ, …

“एक सफ़र” – दुर्गेश मिश्रा

– एक सफ़र देखे मैंने इस सफर में दुनिया के अद्भुत नज़ारे, दूर बैठी शोर गुल से यमुना को माटी में मिलते | की देखा मैंने इस सफर में….. …

रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाओं सहित एक रचना

धर दिव्य-देह मानव का पुरूषोत्तम बनना होगा जिस पथ पर श्रीराम चले उस पथ पर चलना होगा मायावी इस दुनिया में छल-प्रपंच और कपट भरे जनता शोषित पीड़ित है …

आज का नवयुवक — डी. के. निवतिया

अजीब हाल में दिखता आज का नवयुवक जागा हुआ है, मगर कुछ खोया खोया सा हँसता हुआ दिखता, पर कुछ रोया-रोया सा जीवन संघर्ष की दौड़ में, जा रहा …

जगाने आया हूँ — डी के निवातिया

न कोई हंगामा न कोई बवाल करने आया हूँ बिगड़े हुए हालातो से आगाह करने आया हूँ सोये हुए है आजादी के दीवाने कई बरसो से गहरी नींद से …