Tag: प्रेरणापूरक काव्य

मुझको वो कर दिखाना है- डी. के. निवातिया

——::अब मुझको वो कर दिखाना है ::—- *** अपना लक्ष्य मुझे हर हाल में पाना है लाख बाधा हो राह में नही घबराना है ठाना है मैंने जो कुछ …

हम तुम्हे भुला न पाए …… (ग़ज़ल ) { अमर गायक स्व.मुहम्मद रफ़ी साहब की याद में }

कितने ही ज़माने गुज़र गए , मगर हम तुम्हें ना भुला पाए. तेरी तस्वीर पर सजदा किया, तेरी याद में दो अश्क बहाए. तेरे गीतों को जब सूना तो, …

यह जीव -हत्या क्यों और कब तक ! (कविता )

यह बेजुबान जानवर, यह भोले जानवर , इंसान की नियत से बेखबर , यह मासूम जानवर . घर पर तो लाते हैं, बड़ा प्यार-दुलार देते हैं, लेकिन जब निकल …

बस यूं ही जगमगाते रहना

अक्सर और अधिकांश कई लोगों को रौशनी बहुत ही पसंद होती है और जब बात करे दिए कि तो वो बहुत ही सुंदर दिखती है बिल्कुल फूटरी आनंदी की …

बिन पटाखे दिवाली सून

प्रदूषण की आड़ में बंद कर दी आतिशबाज़ी l बोले ना होगा धुआँ ना होती पैसो की बर्बादी ll समझ नहीं आता क्या प्रदूषण यही फैलता है l सिगरेट का धुआँ, …

“एक सफ़र” – दुर्गेश मिश्रा

– एक सफ़र देखे मैंने इस सफर में दुनिया के अद्भुत नज़ारे, दूर बैठी शोर गुल से यमुना को माटी में मिलते | की देखा मैंने इस सफर में….. …