Tag: ज्योतिष कविता

गृह द्रष्टि विचार

तीसरि दसम दृष्टि चौथाई |पंचम नवम दृष्टि अधिआई | चौथे अष्टम दीख त्रिपादा  |सप्तम देखहिं चारिउ पादा  || सब गृह देखहिं एक समाना |विनय करौ श्रीपति भगवाना ||

उच्च नीच गृह राशियाँ

सूर्य मेष वृष चन्द्रमा ,मंगल मकरा उच्च | बुध कन्या गुरु कर्कट ,शुक्र मीन सर्वोच्च || शनि तुला राहू मिथुन ,केतु उच्च धनु जान | उच्च राशि से सातवें …

ग्रह मैत्री विचार

सूर्य मित्र कह शशि गुरु मंगल |बुध सम शनि शुक करहि अमंगल || चन्द्र मित्र बुध दिनकर अहहीं | मंगल  शनि शुक गुरु  सम लहहीं  || भौम मित्र कह …

राशि स्वामी निर्णय

मेष भौम वृष भार्गव होई | मिथुनाधिप बुध कह सब कोई || कर्क चन्द्र सिंह दिनकर जानी | कन्या बिधुज बिधुंतुद मानी || तुला शुक्र वृश्चिक कुज जाना | …

राशि क्रम विधान

मेष प्रथम ,वृष दुसरि ,मिथुनादिक ,तीसरि होय | कर्क चौथि ,सिंह पांचव ,कन्या षष्ठ ,कहै सब कोय | षष्ठ कहै  सब कोय ,      तुला को सांतव मानौ    | ब्रश्चिक …

राशि निर्णय

अश्वनि भरणी कृती एक पद |मानहि मेष राशि ज्योतिषविद || कृतिका त्रय पद रोहिणि जानौ |मृगशिर आधा वृषभ बखानौ || मृगशिरार्धम     आर्द्रा आवै  |पुनरे त्रय पद मिथुन कहावै || अंतिम …