Tag: देशभक्ति गीत

मैं सैनिक हूँ

मैं सैनिक हूँ मैं जगता हूँ रातभर चौकस निगाहें गड़ाए हुए उस जगह जहाँ अगली सुबह देख पाऊं इसमे भी संशय है उसके लिए जो अभी अभी छाती से …

तुम कर्णधार हो – अनु महेश्वरी

उठो, जागो, नौजवानों, तुम पर ही, अब, भारत का सब, भार है, विश्वास हमें है पूरा तुम पे, तुम रखोंगे, इसे सम्भाल के| जब जब दुश्मन वार करें, शीश …

घर घर में आतंकी – शिशिर मधुकर

बाहरी दुश्मन की ज़रूरत नहीं है भारत को वो घर घर में यहाँ आसानी से मिल जाएंगे टीवी पर्दे पे अपने कारोबार की तरक्की को बुरहान वानी की बरसी …

बस इस देश का परचम लहराए – अनु महेश्वरी

राह सबकी अलग हो सकती जहाँ, पर मंजिल सबकी एक ही है यहाँ| सही रास्ते पे चले हर इंसान, हुआ इसलिए धर्म का निर्माण| धर्म के भी ठेकेदारों ने …

कभी देशद्रोही, तुम मत बनना – अनु महेश्वरी

अगर भला न कर सको, चलेगा, कभी किसी का बुरा मत करना| अगर दानवीर न बन सको, चलेगा, कभी किसी के हक़ का मत छीनना| प्यार से बात न …

मैं शरीफ था इसलिए चुप रहा- आशीष अवस्थी

मैं शरीफ था इसलिए चुप रहा लोगों ने समझा मुझे जवाब नहीं आता जब से शराफत निकाल के फेंकी मैंने अब लोगों को सवाल नहीं आता  कुछ सोच कर …

७१. सारे जग में भारत सा………….देश नही |गीत| “मनोज कुमार”

मेरा भारत, अदभुत भारत, अतुलनीय भारत ना ताज जैसी कोई ईमारत कहीं ना गंगा जैसी कोई नदी है कहीं सारे जग में भारत सा कोई नही, देश नही मेरे …

६८. हिंदुस्तान की बिटिया मैं………. तेरी दीवानी हूँ |गीत| “मनोज कुमार”

हिंदुस्तान की बिटिया मैं हिन्दी बोली जानी हूँ मेरी भारत धरती माँ मैं तेरी दीवानी हूँ हिंदुस्तान की बिटिया मैं……………………………….. तेरी दीवानी हूँ नैनों में शोले रखती हूँ ये …

अब तक क्यों ना ठानी है – शिशिर मधुकर

जब भी मेरी भारत माता का कोई लाल बलि चढ़ जाता है कायरता का रोना धोना अपने अखबारों में छप जाता है दुर्दांत पड़ोसी से सभ्य व्यवहार की आकांक्षाएँ …

देश के लाल फना हो जाते है — डी. के. निवातिया

देश के लाल फना हो जाते है *** पुराने जख्म भरते नहीं की नये फिर से मिल जाते है सेनापतियों की गैरत पे जाने क्यों ताले पड़ जाते है …

उधम सिंह सरदार… ~Gursevak singh pawar

उधम सिंह सरदार… देश की शान बचाने वाला, देश का मान बढ़ाने वाला !! उधम सिंह सरदार… पंजाब की मिटटी मे पैदा होकर, तुमने गुरुओं का मान बढ़ाया !! …

किसान और जवान (विवेक बिजनोरी)

“राजनीति बन गयी तमाशा अपने हिंदुस्तान की, ये कीमत चुकाई है तुमने शहीदों के अहसान की लूट लूट गरीबों को अपनी तिजोरी भर रहे, सबका पेट पालने वाले आत्महत्या …

घर घर दीप जलाए हैं – शिशिर मधुकर

मेरे देश के सैनिक वीरॉ मेरा नमन स्वीकार करो दुश्मन चैन नहीँ पाए तुम ऐसा प्रबल प्रहार करो जिन लालों ने सीमाओं पर अपने प्राण लुटायें हैं उनकी यादों …

४१. टूट गयी अपनी ……….|गीत| “मनोज कुमार”

टूट गयी अपनी पुरानी महोब्बत रूठ गयी अपनी दीवानी महोब्बत मनाया भी हमने ना मानी महोब्बत दिल का भी हाल ना जानी महोब्बत टूट गयी अपनी………………………….. जानी महोब्बत क्या …

३३. देशों में ओ देश अपना …………..|गीत| “मनोज कुमार”

देशों में ओ देश अपना प्यारा हिन्द देश है अनोखी पहचान इसकी ऊँची अपनी शान है बहुरंगी संस्कृति इसकी भव्यता विशाल है मनमोहक है सुन्दरता वास्तुकला मिसाल है देशों …

बहुमूल्य आज़ादी – शिशिर मधुकर

आज दिन हैं देशवासियों पन्द्रह अगस्त का जब जश्न मनाते हैं हम अँग्रेजी शिकस्त का इस अपने राज के लिए कई पीढ़ी खप गई अमर वीरों की गाथाएँ सब …

माँ मेरा भी रंग दो बसंती चोला …………….

देश प्रेम की धुन बजाता आज फिर निकला वीरो का डोला ! संग में उनके मैं भी जाऊं, माँ मेरा भी रंग दो बसंती चोला !! राजगुरु, सुखदेव, भगत …

जादूगर – शिशिर मधुकर

मैं एक इंसान हूँ और नहीँ हूँ कोई जादूगर ज़रूरी नहीँ मनमाफिक चले पूरा ही सफर तुमने ना सींचा बाग जो खुद का मानकर उसके गुल उदास हो जमीं …

मुझे भारत कह कर पुकारो ना …..( कविता)

मुझे भारत कह कर पुकारो ना …..( कविता) मत पुकारो मुझे तुम India, मुझे मेरे नाम से पुकारो न , निहित है जिसमें प्यार व् अपनापन , मुझे भारत …