Tag: देशभक्ति गीत

उधम सिंह सरदार… ~Gursevak singh pawar

उधम सिंह सरदार… देश की शान बचाने वाला, देश का मान बढ़ाने वाला !! उधम सिंह सरदार… पंजाब की मिटटी मे पैदा होकर, तुमने गुरुओं का मान बढ़ाया !! …

किसान और जवान (विवेक बिजनोरी)

“राजनीति बन गयी तमाशा अपने हिंदुस्तान की, ये कीमत चुकाई है तुमने शहीदों के अहसान की लूट लूट गरीबों को अपनी तिजोरी भर रहे, सबका पेट पालने वाले आत्महत्या …

घर घर दीप जलाए हैं – शिशिर मधुकर

मेरे देश के सैनिक वीरॉ मेरा नमन स्वीकार करो दुश्मन चैन नहीँ पाए तुम ऐसा प्रबल प्रहार करो जिन लालों ने सीमाओं पर अपने प्राण लुटायें हैं उनकी यादों …

टूट गयी अपनी ……….|गीत| “मनोज कुमार”

टूट गयी अपनी पुरानी महोब्बत रूठ गयी अपनी दीवानी महोब्बत मनाया भी हमने ना मानी महोब्बत दिल का भी हाल ना जानी महोब्बत टूट गयी अपनी………………………….. जानी महोब्बत क्या …

देशों में ओ देश अपना …………..|गीत| “मनोज कुमार”

देशों में ओ देश अपना प्यारा हिन्द देश है अनोखी पहचान इसकी ऊँची अपनी शान है बहुरंगी संस्कृति इसकी भव्यता विशाल है मनमोहक है सुन्दरता वास्तुकला मिसाल है देशों …

बहुमूल्य आज़ादी – शिशिर मधुकर

आज दिन हैं देशवासियों पन्द्रह अगस्त का जब जश्न मनाते हैं हम अँग्रेजी शिकस्त का इस अपने राज के लिए कई पीढ़ी खप गई अमर वीरों की गाथाएँ सब …

माँ मेरा भी रंग दो बसंती चोला …………….

देश प्रेम की धुन बजाता आज फिर निकला वीरो का डोला ! संग में उनके मैं भी जाऊं, माँ मेरा भी रंग दो बसंती चोला !! राजगुरु, सुखदेव, भगत …

जादूगर – शिशिर मधुकर

मैं एक इंसान हूँ और नहीँ हूँ कोई जादूगर ज़रूरी नहीँ मनमाफिक चले पूरा ही सफर तुमने ना सींचा बाग जो खुद का मानकर उसके गुल उदास हो जमीं …

मुझे भारत कह कर पुकारो ना …..( कविता)

मुझे भारत कह कर पुकारो ना …..( कविता) मत पुकारो मुझे तुम India, मुझे मेरे नाम से पुकारो न , निहित है जिसमें प्यार व् अपनापन , मुझे भारत …

कैसा ये हिंदुस्तान है – सोनू सहगम

-: कैसा ये हिंदुस्तान है :- कैसा ये हिंदुस्तान है। जहाँ सोया हर इंसान है।। एक दूसरे की कमियाँ तलासते है अपने गिरेबां में ना वो झांकते है कुर्सी …

चलो आज फिर मिल कर एक नवीन देश बनाते हैं

चलो आज फिर मिल कर एक नवीन देश बनाते हैं ———————————- चलो आज फिर मिल कर एक नवीन देश बनाते हैं। भविष्य को ढकी जाति, धर्म, द्वेष के पर्दों …

कुछ तो शर्म करो ……

रचना बड़ी अवश्य है, कृपया दो मिनट का समय देकर जरूर पढ़े औए अपने विचार व्यक्त करे !! पहले लोग मिसाल देते थे गरीबी में दाल रोटी की रोटी …

हम जिस देश में रहते है

हम जिस देश में रहते है उसे धरती का स्वर्ग कहते है गौरव की बात हमारे लिए जो हम इस देश में रहते है !! प्रकृति की अनमोल धरोहर …

मेरा देश – शिशिर “मधुकर”

यह कविता कुछ वर्ष पहले मैंने अपनी बेटी के कहने पर उसके स्कूल के लिए लिखी थी मेरा प्यारा भारत देश कहीं नहीं ऐसा परिवेश मेरा प्यारा भारत देश …