Tag: नवगीत

कुछ पल मुस्कुराये होते—डी के निवातिया

तुम अगर मेरी जिंदगी में आये होते तो हम भी कुछ पल मुस्कुराये होते !! न रहते जिंदगी में तुम भी यूँ तन्हा न अकेले में हमने आँसू बहाये …

तू सबका मुकद्दर, तू सबका पयम्बर

तू सबका मुकद्दर, तू सबका पयम्बर, मैं ढूँढू तुझे हर, कदम-दो-कदम पर, दुनिया का कण-कण तुझही से बना है, ये चंदा ये सूरज, सब तुझमें समा है, कहे जो …

यादो का गुलिस्ताँ……….

तुम चले तो गये अजनबी बनकर मगर यादो का गुलिस्ताँ अभी मेरे पास है ……….! सजाए बैठा हूँ इस उम्मीद में मिलोगे कभी जिंदगी के किसी मोड़ पर ………….! …

गीत।मैंने मन को मार लिया है

गीत।मैंने मन को मार लिया है । । आ ही जाती याद तुम्हारी चाहे जितना मै भुलवाऊ ।। मैंने मन को मार लिया हैं पर दिल को कैसे समझाऊ …

!! यादो की दुनिया !!

तेरी यादो की हमने, एक अलग दुनिया बसाई है नीले नीले अम्बर पे, सितारों से तेरी तस्वीर बनाई है !! तेरी यादो की हमने, एक अलग दुनिया बसाई है….!! …

“जिन्दगी का गीत”

मुश्किलें हैं रास्तों में आज इनसे होड़ ले. जिन्दगी भी रेस है तू दम लगा के दौड़ ले. मंजिलें अलग-अलग हैं रास्ते जुदा-जुदा, गर तू पीछे रह गया तो …

कोरे काग़ज पर नाम

कोरे काग़ज पर लिख डाला मैंने नाम तुम्हारा, मौसम बनकर डोल रहा है पीड़ा का हरकारा | बदली उड़ती फिरे बावरी बूँदों को लहराके सावन में तरसाई अँखियाँ पथ …

हंसवाहिनी, ऐसा वर दो!

मेरी जड़-अनगढ़ वीणा को हे स्वरदेवी, अपना स्वर दो! अंदर-बाहर घना अँधेरा दूर-दूर तक नहीं सबेरा दिशाहीन है मेरा जीवन ममतामयी, उजाला भर दो! मानवता की पढूँ ऋचाएं तभी …

लौटे बचपन!

कभी अयुध्या मन में बसती कभी अयुध्या के बाहर मन चिंताओं के मकड़जाल से मुक्त डोलता कोमल जीवन बचपन के तो चंद इशारे माँ समझे या समझे बापू जिनकी …

रंग-गंध के गाँव में

यह भँवरा मँडराता-फिरता रंग-गंध के गाँव में फूलों का मन भरमाने को मीठे असमय गीत सुनाता उनको झूठी प्रीत दिखाकर मादक मधु-मकरंद चुराता अपना काम बनाता रहता जज्बातों की …