Tag: नवगीत

ढलता रहता हूँ — डी के निवातिया

ढलता रहता हूँ *** हर रोज़, दिन सा, ढलता रहता हूँ ! बनके दिया सा, जलता रहता हूँ !! कोई चिंगारी कहे, कोई चिराग !  यूँ नजरो में, बदलता …

घोंसला वो बदनाम — डी के निवातिया

घोंसला वो बदनाम   परिदो से भी बदतर आज का इंसान हो गया ! पाए थे जहा पंख घोंसला वो बदनाम हो गया !! रूह तरसती रही, जिस्म मालमाल …

ज्ञान का सागर अथाह मिलेगा — डी. के. निवातिया

ज्ञान का सागर अथाह मिलेगा  *** झिझक को अपनी तोड़ो तुम क्षमता को नया उत्साह मिलेगा ! ह्रदय चक्षुओं को खोलोगे तो, ज्ञान का सागर अथाह मिलेगा !! विद्वान …

सच क्या होता है—डी के निवातिया

(सच क्या होता है) हमने जो पूछ लिया सच क्या होता है ! तिलमिला के बोले ऐसे न बयां होता है !! लांघ रहे हो आदो-अदब का दायरा जनाब …

कुछ पल मुस्कुराये होते—डी के निवातिया

तुम अगर मेरी जिंदगी में आये होते तो हम भी कुछ पल मुस्कुराये होते !! न रहते जिंदगी में तुम भी यूँ तन्हा न अकेले में हमने आँसू बहाये …

तू सबका मुकद्दर, तू सबका पयम्बर

तू सबका मुकद्दर, तू सबका पयम्बर, मैं ढूँढू तुझे हर, कदम-दो-कदम पर, दुनिया का कण-कण तुझही से बना है, ये चंदा ये सूरज, सब तुझमें समा है, कहे जो …

यादो का गुलिस्ताँ……….

तुम चले तो गये अजनबी बनकर मगर यादो का गुलिस्ताँ अभी मेरे पास है ……….! सजाए बैठा हूँ इस उम्मीद में मिलोगे कभी जिंदगी के किसी मोड़ पर ………….! …

गीत।मैंने मन को मार लिया है

गीत।मैंने मन को मार लिया है । । आ ही जाती याद तुम्हारी चाहे जितना मै भुलवाऊ ।। मैंने मन को मार लिया हैं पर दिल को कैसे समझाऊ …

!! यादो की दुनिया !!

तेरी यादो की हमने, एक अलग दुनिया बसाई है नीले नीले अम्बर पे, सितारों से तेरी तस्वीर बनाई है !! तेरी यादो की हमने, एक अलग दुनिया बसाई है….!! …

“जिन्दगी का गीत”

मुश्किलें हैं रास्तों में आज इनसे होड़ ले. जिन्दगी भी रेस है तू दम लगा के दौड़ ले. मंजिलें अलग-अलग हैं रास्ते जुदा-जुदा, गर तू पीछे रह गया तो …

कोरे काग़ज पर नाम

कोरे काग़ज पर लिख डाला मैंने नाम तुम्हारा, मौसम बनकर डोल रहा है पीड़ा का हरकारा | बदली उड़ती फिरे बावरी बूँदों को लहराके सावन में तरसाई अँखियाँ पथ …

हंसवाहिनी, ऐसा वर दो!

मेरी जड़-अनगढ़ वीणा को हे स्वरदेवी, अपना स्वर दो! अंदर-बाहर घना अँधेरा दूर-दूर तक नहीं सबेरा दिशाहीन है मेरा जीवन ममतामयी, उजाला भर दो! मानवता की पढूँ ऋचाएं तभी …