Tag: Mere Khwab Kabhi Jo By Ashish Awasthi

मेरे ख्वाब कभी जो पास तुम्हारे आते- आशीष अवस्थी

मेरे ख्वाब कभी जो पास तुम्हारे आते चुपके से उनको तुम अपने पास सुलाते धूप शहर की तेज बहोत थी फिर भी हम बच जाते गर तुम गगरी में …