Tag: प्रेम सरिता

वो केवल मुस्कुराते हैं-शिशिर मधुकर

मुहब्बत करके जो मझधार में संग छोड़ जाते हैं लाख चाहा किया भूलें वो फिर भी याद आते हैं अगर बनता है हर इंसान केवल एक मिट्टी से कहो …

सच्चा प्यार — डी के निवातिया

सच्चा प्यार *** जिस ह्रदय में किसी को सराहने के पनपते विचार नहीं उसको भी सराहना पाने का बनता कोई अधिकार नहीं निसन्देह: त्याग के यथार्थ भाव का तात्पर्य …

किस काम की सांसें – शिशिर मधुकर

मुहब्बत छोड़ दी तुमने– मेरा सुख चैन खोया है बचे ना अब तो आंसू भी ये मनवा इतना रोया है हर तरफ आग नफरत की मेरा तन मन जलाती …

नई शुरुआत करते हैं – शिशिर मधुकर

भले ही मुद्दतों से हम ना तुमसे बात करते हैं तेरे ख़्वाबों में ही लेकिन बसर दिन रात करते हैं ये माना बाग़ उजड़ा है बहारें अब ना आती …

अगर जो साथ मिल जाए – शिशिर मधुकर

तेरी सांसों की खुशबू ना कभी जीवन में भूलूँगा तेरे रुखसार की लाली को अधरों से मैं छू लूँगा अगर जो साथ मिल जाए मुझे तेरी मुहब्बत का मैं …

यादों के चिराग़ – दीप्ति गोयल

महकता है ये तन मेरा जब भी ख़्याल आता है जेहन में तेरा दूर रहकर भी ना टूटे तुझसे मन का वो नाता है मेरा। गुज़रेगा वक्त बदलेंगे हम …

मुहब्बत और भरोसा- शिशिर मधुकर

मुहब्बत में दीवाने जन…जिस घड़ी बात करते हैं प्रणय के देवता तब…फूलों की बरसात करते हैं किसी के मन में बस जाए छवि जो कोई हौले से बसर उसके …

गुणगान — डी के निवातिया

गुणगान *** तुम अपनों का गुणगान करो हम अपनों का गुणगान करें आओ मिलजुलकर हम तुम अहले वतन का उत्थान करें !!   डी के निवातिया

वो इत्तफाक नहीं – शिशिर मधुकर

मेरे हाथों में तेरा हाथ… जब भी आता है मैं दिल के पास हूँ तेरे..पता चल जाता है तेरे सीने से लग…मुझको सुकून मिलता है सारे ग़म छोड़ के…ये …

चुप रहने वाले – शिशिर मधुकर

सदा चुप रहने वाले जिससे खुल के बात करते हैं बसर उसकी मुहब्बत में ही वो दिन रात करते हैं दिल के हाथों यहाँ मजबूर… सारे हो ही जाते …

बस रिश्ते निभाने में – शिशिर मधुकर

गुज़र जाती है सारी उम्र बस एक प्यार पाने में मुझे तो हार मिलती आई है संगदिल ज़माने में मुहब्बत के लिए मैं ज़िन्दगी भर प्यास से तड़पा सुबह …

हर घड़ी ख़ास होती है (२) – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ज़िंदगी में जब किसी के पास होती है उमंगें दिल में रहती हैं घड़ी हर ख़ास होती है दौर अच्छे बुरे तो हर किसी जीवन में आते हैं …

हर घड़ी ख़ास होती है – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ज़िंदगी में जब किसी के पास होती है उमंगें दिल में रहती हैं हर घड़ी ख़ास होती है ज़िंदगी जीने की खातिर दूर रहना भी पड़ता है मिलेंगे …

शिकन तन्हाइयां – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ज़िन्दगी में जब किसी के साथ होती है दवा हर ग़म की उस इंसा के अपने हाथ होती है जिन्हें मिलती नहीं ये नेमतें दुनिया में चाहत की …

पता चल जाता है – शिशिर मधुकर

पता चल जाता है अपना कोई जब याद करता है किसी की छवियां सीने में जो भी आबाद करता है नज़र के सामने आ जाए वो प्यारा हमकदम जल्दी …

जहाँ छाया मिली – शिशिर मधुकर

राहे मुहब्बत में कभी तो नाम कर लिया बना के दूरियां तुमने खुद को फिर आम कर लिया कभी होठों से लग के जो मेरी नस नस में पहुंचा …

प्रेम तो किस्मत से मिलता है-शिशिर मधुकर

मुहब्बत जिन को होती है कभी रूठा नहीं करते फक़त दुनिया की मर्ज़ी से हाथ छूटा नहीं करते आईना धुंधला हो जाए छवि दिखला ही देता है बिना पत्थर …

नैन पर फिर भी मिल गए – शिशिर मधुकर

छुपाया बहुत खुद को नैन पर फिर भी मिल गए असर ऐसा हुआ दिल पे फूल खुशियों के खिल गए खौफ ने इस कदर घोला है ज़हर फ़िज़ा में …

प्रेम धागे का बंधन – शिशिर मधुकर

तेरे बिन दिन नहीं कटते तुझे कैसे बताएं हम तू ही जब पास ना आए तुझे कैसे सताएं हम तेरा वो रूठ जाना और मनाना याद आता है समझ …

बस तेरे लब के बोसे हैं – शिशिर मधुकर

मुहब्बत खुशियाँ देती है मगर ग़म भी परोसे है ये मुस्कान जानेमन बस अब एक तेरे भरोसे है भिगो देता है ये सावन जब भी मुझको हौले से यूँ …