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तेरे सब गम चुरा लेंगे…………….. भी बुला लेंगे |गीत| “मनोज कुमार”

तेरे सब गम चुरा लेंगे तेरे सब दर्द मिटा देंगे छाया तेरा नशा दिल पे तेरे सब कर्ज मिटा देंगे माना ये दौर है मुश्किल ख़ुशी फिर भी चुरा …

प्रतिघात – शिशिर मधुकर

जिसका दिल ही ना हों साफ उससे बात क्या करें करता हों जो बस प्रतिघात उसपे विश्वास क्या धरें इतने मलिन चेहरों से मेरा तो हरदम सामना हुआ आखिर …

प्रेम की धवल धार – शिशिर मधुकर

माना डगर मुश्किल है तुम साथ ना छोड़ो मुसीबत के सहचरो के दिलों को ना तोडो प्रेम की धवल धार कहीँ जाए ना पूरी सूख स्नेह के मेघों के …

साफ दिल से – शिशिर मधुकर

साफ दिल से जब कोई यहाँ नज़दीक आता है सपनों में विचरता है और धड़कन में समाता है मिलकर बिछड़ जाता है जब रिश्ता कोई ऐसा इंसान घुट घुट …

अधूरा – शिशिर मधुकर

तुम्हें कैसे बताऊँ मैं यहाँ कितना अधूरा हूँ झूठे रिश्ते नातों संग कभी होता ना पूरा हूँ प्यार ढ़ूंढ़ा जहाँ मैंने वहाँ व्यापार भारी था तन्हा बैठा हूँ राहों …

एहसास – शिशिर मधुकर

मुहब्बत में खुदा तुमको यहाँ जिसने बनाया है अपनी बेरुखी से तुमने उसका दिल दुखाया है ज़रा ठहरो आँख मीँचो और चुपचाप ये सोचो तेरे हर रोये रोये में …

तृष्णा – शिशिर मधुकर

जो जगह मुझको दी तूने वहाँ किसको बसाया है मेरी आँखों में तो अब तक तेरा मुखड़ा समाया है मैं जन्मों का प्यासा हूँ तू जीवन दायिनी सुरसरिता अपनी …

बन्धन – शिशिर मधुकर

वो बन्धन जिनमें प्रेम ना हो होते हैं जहरीले तोड़े बिन उन सबको यहाँ कैसे कोई जी ले अन्दर छुपी हस्ती से ही तो आती है सुंदरता झूठे फरेबी …

कुदरत – शिशिर मधुकर

जिंदगी तू भी जाने कैसे कैसे रंग दिखाती है मुझसे नाराज़ हो के मुहब्बत भी दूर जाती है पतंग और डोर को जैसे भी बांधो साधो तुम हवायें साथ …

दरिया की तरह – शिशिर मधुकर

अपनी तंहाइयो में मैं तुम्ही को याद करता हूँ तेरा दीदार हो मुझको यही फरियाद करता हूँ दरिया की तरह तन्हा बहने की किस्मत है मेरी जो भी आता …

मुहब्बत चीज़ ऐसी है – शिशिर मधुकर

मुहब्बत चीज़ ऐसी है कभी सब को नहीँ मिलती कली मुस्कान की हर ईक बगिया में नहीँ खिलती जीने को तो फ़िर भी यहाँ जीये जाते है सारे लोग …

बेमेल – शिशिर मधुकर

जिन्दगी तेरे भी अजब गजब खेल हैं सारे इंसानों की इस भीड़ में रिश्ते बेमेल हैं सारे जिन्हें अपना बनाने को अपने छूट जाते हैं वही अक्सर यहाँ पर …

बनेगी जिंदगी जन्नत – शिशिर मधुकर

मिलना बिछड़ना तो हरदम चलता ही रहता है पीड़ा नहीँ मिटती कोई जब तन्हाईयां सहता है मिटा दो दूरियां दिल की हटा दो स्वार्थ के पहरे बनेगी जिंदगी जन्नत …

गुलशन गुलज़ार से – शिशिर मधुकर

तेरी यादों का ताज महल सींचा हैं प्यार से मुझको सुकून मिलता हैं बस तेरे दीदार से लाख हँसी दिखते हैं इन लम्बी सी राहों में मन झूमा जो …

जीना नहीं आता – शिशिर मधुकर

जाम होता हैं कुछ के सामने पर पीना नहीं आता कुसुम को रौँदने वाले को कभी जीना नहीं आता हीरे तो मिल जाते हैं अक्सर जीवन की राहों में …

कैसे निभाए – शिशिर मधुकर

बड़ा मुश्किल है अपनाना कोई जो दिल से उतर जाए अँधेरे क्या हुए थोड़े गुम हो गए सब नकली मेरे साये जिसने अपमान कर मेरा मुझे हरदम नीचा दिखाया …

कलियाँ नहीं खिलती – शिशिर मधुकर

चालाक लोगों को यहाँ कभी मुहब्बत नहीं मिलती गर माफिक ना हो आबो हवा कलियाँ नहीं खिलती दुर्भाग्य से जीवन में जब आते है इस तरह के लोग इस …

कवच – शिशिर मधुकर

नफ़रत जो कोई मुझसे इतनी अधिक करता है अपनी कमजोरियों से शायद वो बहुत डरता है मुहब्बत ने जहाँ में ना कभी कोई घर गिराया है इससे तो बिगडा …

अधूरापन – शिशिर मधुकर

पा लिया सब तो फ़िर आनँद ना कोई आएगा खुशी मिलेगी जब कोई दिल भी तेरा दुखाएगा अधूरापन भी मानव जीवन में बड़ा ज़रूरी है तभी तो प्यासा कोई …