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बदलते वक्त में -शिशिर मधुकर

क्या करूँ मैं तुम ही बोलो मेरा दिल तुमने तोड़ा है कहाँ ढूँढू सकूँ जब तेरे लिए ज़माने भर को छोड़ा है धारा रोक देने से नदिया घुट घुट …

कुमकुम बना के – शिशिर मधुकर

कोई सागर नहीं ऐसा ना जिसमें ज्वार आते हों वो लोचन ना आशिक के जो ना अश्रु बहाते हों ऐसी चाहत ज़माने में कभी भी सुख ना देती है …

सांसों में शामिल – शिशिर मधुकर

मुहब्बत करना आसां है निभाना है बहुत मुश्किल याद रक्खो तुम ये सच लगाओ जब कहीं भी दिल जिसको आदत हो आसानी से चेहरे भूल जाने की कभी ना …

स्वार्थ की बातें – शिशिर मधुकर

जब रिश्तों में विश्वास ना हो केवल स्वार्थ की बातें हो कोई नहीं चाहता उस व्यक्ति से अक्सर मुलाकातें हों चाँद रहेगा तो इस अन्धकार में कुछ राहें तो …

किस्मत तुम्हारी है – शिशिर मधुकर

किसी का प्यार पाया है तो ये किस्मत तुम्हारी है वरना अब तो ज़माने में सबको अपनी खुमारी है दोस्ती रिश्ते नाते और सम्बंधो में केवल धोखा है कोई …

अंजान बनते हैं -शिशिर मधुकर

कभी पहलू में थे जो आज वो अंजान बनते हैं जो छाया नहीं रखते वो ही खजूरों से तनते हैं स्वार्थ भरी फितरत से पार कोई पाए भी कैसे …

दिल टूटने का खेल – शिशिर मधुकर

तुम्हारा हाथ क्या पकड़ा ज़माना भर खफा हुआ ना मुहब्बत मिली मुझको ना ही कोई नफ़ा हुआ यूँ तो पहले भी मेरी ज़िन्दगी में रब ना था कोई मगर …

मैल असली – शिशिर मधुकर

तूफानों में ही रिश्तों की ताकत का पता चलता है आवरण धुलने पर मैल असली बाहर निकलता है छुपी गन्दगी दिलों की जब दो आँखों के सामने हो मजबूरी …

जाएँ फिर कहाँ – शिशिर मधुकर

रिश्तों में जब धोखा मिले तो जाएँ फिर कहाँ निज हाथों में खंजर लिए व्यक्ति बैठा है यहाँ दिल से दिल के मेल बना करते हैं जिस जगह अब …

अदा — डी के निवातिया

अदा +++++++++++++++ मुझसे मुहब्बत भी बेपनाह करता है फिर भी मेरी हर बात पर बिगड़ता है इसे अदा कहुँ या फितरत जनाब की जो भी हो दिल ये तो …

कहाँ मुस्कान आएगी – शिशिर मधुकर

मुहब्बत जिस जगह ना हो कहाँ मुस्कान आएगी घृणा की आग एक दिन पूरे घर को ही जलाएगी लाख कोशिश करो महके ये गुलिस्ता ए जिन्दगी काग़ज़ के फूलों …

कैसे कोई शह दे – शिशिर मधुकर

मुझे रुसवा किया है जिंदगी क्या चाहती है कह दें कुटिल लोगों के संग मैं जी सकूं शक्ति मुझे वह दे जिसे हीरा समझ कर मैंने निज सीने से …

७५. दिल ये तुम तोड़ ना जा सकते “मनोज कुमार”

छोड़ के नही तुम हमें जा सकते मैं चाँदनी हूँ तेरी छोड़ नही सकते मेरा दिल तेरे पास तेरा दिल मेरे पास दिल ये तुम तोड़ ना जा सकते …

जब जब महकती ये यादें तुम्हारी हैं- आशीष अवस्थी

अब मिलता नहीं, जो आंसू छुपा के रखा था कहीं ना ही वो जिंदगी जो तन्हा गुज़ारी है ना ही वो बातें जो तुम करती थी कभी ना ही …

७४. महोब्बत…………….. हो गयी है |गीत| “मनोज कुमार”

महोब्बत हो गयी है हो गयी है हो गयी है कसम से यार जानेमन महोब्बत हो गयी है तुम्हीं से यार बेइन्तहा महोब्बत हो गयी है महोब्बत हो गयी …