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ज़रा खुलने तो दो — डी के निवातिया

ज़रा खुलने तो दो *** शेर सारे पढ़े जायेंगे तुम्हारे मतलब के ज़रा खुलने तो दो बाते तमाम होंगी वफ़ा संग बेवफाई की ज़रा घुलने तो दो !! हर …

बेरुखी -डी के निवातिया

बेरुखी *** करके बेवफाई, खुद को, नज़रें मिलाने के काबिल समझते हो बात बात पर देकर दुहाई मुहब्बत कि, हम ही से उलझते हो कहाँ से सीखा हुनर, इश्क …

सभी मतलब के रिश्ते हैं – शिशिर मधुकर

तुम्हारे प्यार की खातिर अदावत मोल ली मैंने ग़मों की पोटली खुद के लिए ही खोल ली मैंने मुझे मालूम था ये आंधियां घर को उजाड़ेंगी ना जाने क्या …

यही बस देखा है मैंने तो- शिशिर मधुकर

मुहब्बत जब किसी से करके मैंने सपने सजाए हैं तूफानों ने सदा आकर मेरे दीपक बुझाए हैं भले ही कोई अपनी बात से कितना भी मुकरा हो मैंने वादे …

आहें सी भरते हैं -शिशिर मधुकर

फूल कितने भी सुन्दर हों मगर शाखों से झरते हैं दर्द से बच नहीं पाते….मुहब्बत जो भी करते हैं कभी वो पास थे अपने तो मन खुशियों में डूबा …

कुछ यादें बीते साल की – सोनू सहगम –

-: कुछ यादें बीते साल की :- कुछ यादें बीते साल की, नये साल में बहुत याद आयेगी कुछ यादें माना आँखें करेंगी नाम कुछ यादें चहरे पर मुस्कान …

बार-बार – डी के निवातिया

बार-बार *** वो कौन है जो दिल को दुखाता है बार-बार ! अश्क बहते नहीं दिल करहाता है बार-बार !! वफ़ा संग बेवफाई दस्तूर पुराना है जमाने का फिर …

मैं सैनिक हूँ

मैं सैनिक हूँ मैं जगता हूँ रातभर चौकस निगाहें गड़ाए हुए उस जगह जहाँ अगली सुबह देख पाऊं इसमे भी संशय है उसके लिए जो अभी अभी छाती से …

तन्हा — डी के निवातिया

तन्हा -♦-◊-♦- बड़ी तन्हा गुज़री है ये जिंदगी तेरे बिन खुशहाल तू भी नहीं रहा कभी मेरे बिन ! एक दूजे कि आरज़ू में गुज़री उम्र तमाम तजवीज़ बहुत …

राहत नहीं होती – शिशिर मधुकर

बदल जाए समय के संग जो चाहत नहीं होती तन्हा रहना पड़े जीवन में तो राहत नहीं होती काश उनसे उल्फ़त की हम आदत बदल पाते ये रूह इस …

ठेस — डी के निवातिया

ठेस ◊♦◊♦◊ जिसको जितना चाहा उससे उतना दूर हो गये जब-जब किया हौंसला तब-तब मज़बूर हो गये उनकी नज़रो ने हमें पत्थर से शीशा बना डाला    लगी क्या …

तेरा यूँ दूर रहना – शिशिर मधुकर

नशा तेरी मुहब्बत का मुझको हैरान करता है तेरा चेहरा मेरे ख़्वाबों में आ परेशान करता है मुद्दतें हो गईं इस बज़्म में शिरकत ना की तूने तेरा यूँ …

चिड़िया

शाम बढ़ती जा रही थी बेचैनी उमड़ती जा रही थी शाख पर बैठी अकेली दूर नजरों को फिराती कुछ नजर आता नहीँ फिर भी फिराती चीं चीं करती मीत …

हमने भुला दिया – शिशिर मधुकर

देखी जो तेरी बेरुखी हमने भुला दिया अपने हर अरमान को नीदें सुला दिया मुद्दतें गुज़री थी नमी आँखों से दूर थी तेरी जफ़ा ने फिर से उनको रुला …

इख्तियार नहीं है – शिशिर मधुकर

जब तुमको ही अब मेरा इंतज़ार नहीं है मेरा दिल भी परेशान हो बेकरार नहीं है बेडियां जब प्यार की टूटा करी हैं आज कोई किसी के हाथों में …

तीर निज दिल पे झेले हैं -शिशिर मधुकर

मुहब्बत के मैंने जीवन में जो भी खेल खेले हैं हार हिस्से में आई है और अब फिर से अकेले हैं दर्द सहने की शक्ति जब किसी की बढ़ती …

सांवरे तेरे प्यार में……………….दीवानी हो गयी |भजन| “मनोज कुमार”

सांवरे तेरे प्यार में, गिरधर बातों के जाल में राधा तेरी रानी, दीवानी हो गयी, दीवानी हो गयी कानन कुंडल की ये, मोहिनी मूरत की ये मोहन तेरी रानी, …

ख़ता मेरी ही थी- शिशिर मधुकर

तेरी तन्हाइयों में मैंने कभी तेरा साथ ना छोड़ा काश इस बात का एहसास कर लेते तुम ही थोड़ा जिस कदर तूने मुँह फेरा है भुला के प्रीत के …

वो लम्हें निकल गए – शिशिर मधुकर

जिनमें सुकूं मिला मुझे वो लम्हें निकल गए सपनों के सभी आशियां धू धू हो जल गए चट्टान सा मिला ना मुझे रिश्ता कोई यहाँ मौसम गर्म हुआ तो …

किस्मत के उलट फेरे – शिशिर मधुकर

मुहब्बत दिल में हो जिनके वो ही तो मान करते है मिटा के जिस्मों की दूरी उनको एक जान करते हैं उम्मीदें मैंने पाली थी नाज़ बन माथे पे …