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अदा — डी के निवातिया

अदा +++++++++++++++ मुझसे मुहब्बत भी बेपनाह करता है फिर भी मेरी हर बात पर बिगड़ता है इसे अदा कहुँ या फितरत जनाब की जो भी हो दिल ये तो …

कहाँ मुस्कान आएगी – शिशिर मधुकर

मुहब्बत जिस जगह ना हो कहाँ मुस्कान आएगी घृणा की आग एक दिन पूरे घर को ही जलाएगी लाख कोशिश करो महके ये गुलिस्ता ए जिन्दगी काग़ज़ के फूलों …

कैसे कोई शह दे – शिशिर मधुकर

मुझे रुसवा किया है जिंदगी क्या चाहती है कह दें कुटिल लोगों के संग मैं जी सकूं शक्ति मुझे वह दे जिसे हीरा समझ कर मैंने निज सीने से …

७५. दिल ये तुम तोड़ ना जा सकते “मनोज कुमार”

छोड़ के नही तुम हमें जा सकते मैं चाँदनी हूँ तेरी छोड़ नही सकते मेरा दिल तेरे पास तेरा दिल मेरे पास दिल ये तुम तोड़ ना जा सकते …

जब जब महकती ये यादें तुम्हारी हैं- आशीष अवस्थी

अब मिलता नहीं, जो आंसू छुपा के रखा था कहीं ना ही वो जिंदगी जो तन्हा गुज़ारी है ना ही वो बातें जो तुम करती थी कभी ना ही …

७४. महोब्बत…………….. हो गयी है |गीत| “मनोज कुमार”

महोब्बत हो गयी है हो गयी है हो गयी है कसम से यार जानेमन महोब्बत हो गयी है तुम्हीं से यार बेइन्तहा महोब्बत हो गयी है महोब्बत हो गयी …

मुहब्बत जो मिली होती – शिशिर मधुकर

मुहब्बत जो मिली होती हाल ए दिल ये नहीं होता तंहाइयो में यूँ ग़मज़दा हो के फिर मैं भी नहीं रोता कोई रास्ता मिलता मुझे जो सहरा में सम्भलने …

७३. महोब्बत प्यार की बातें…………….. पास पाओगे |गीत| “मनोज कुमार”

महोब्बत प्यार की बातें, जब ये तुम जान जाओगे मुझे तुम याद कर लेना, खड़ा तुम पास पाओगे महोब्बत प्यार की बातें………………………………….. पास पाओगे हुस्न चमके गुलाबों सा, खिला …

मेरा धाम हो गया – शिशिर मधुकर

अपने हाथों मेरे जीवन में ही ये काम हो गया गलत राहों पे चल तन्हा मैं सरे शाम हो गया चलेगी ज़िन्दगी गतिमान हो सोचा था ये मैंने चले …

७२. मेरी खातिर……………….. जैसी घरवाली |गीत| “मनोज कुमार”

मेरी खातिर कर देती है, इच्छाओं की क़ुरबानी जान से ज्यादा मुझको प्रिय, जन्नत जैसी घरवाली मेरी खातिर……………………………………………………… जैसी घरवाली कभी जो गुस्सा करती है तो, उसमें भी है …

७०. प्यार से कर ली………. तो झुकाने दो |गीत| “मनोज कुमार”

प्यार से कर ली महोब्बत प्यार पाने को वो कर लेंगे स्वीकार नजरें तो झुकाने दो प्यार से कर ली……………..………………………………. तो झुकाने दो हमदम आयेंगे करीब वो हमको सभालेंगे …

६९. क्या कहूँ अब तुमसे………. तेरी हो गयी |गीत| “मनोज कुमार”

क्या कहूँ अब तुमसे तो ये रूह दीवानी हो गयी मीरा सी दीवानी ये दीवानी तेरी हो गयी क्या कहूँ अब तुमसे…………………………………… तेरी हो गयी कल तक थे गरीब …

६७. यूँ रूठो ना……………..इतराया ना करो |गीत| “मनोज कुमार”

यूँ रूठो ना करो, यूँ गुस्सा ना करो इतना ना सताओ तुम, इतराया ना करो यूँ रूठो ना……………………………………………..इतराया ना करो हम प्यार तुम्हें जां प्यार से ज्यादा करते हैं …

६६. तेरे चेहरे पे तो………………………….. तोड़ लायेंगे |गीत| “मनोज कुमार”

तेरे चेहरे पे तो हम मर मिट जायेंगे तेरे लिये हम चाँद तारे तोड़ लायेंगे तेरे चेहरे पे तो………………………….. तोड़ लायेंगे किस दुनिया से लायी हो रूप रानी प्यार …

असली रंग – शिशिर मधुकर

समय के साथ लोग अपने असली रंग दिखाते हैं मेरी बज़्म में खुद आने वाले अब नज़रें चुराते है ना कोई पाप था दिल में ना कोई स्वार्थ भारी …

स्नेह सम्मान – शिशिर मधुकर

स्नेह सम्मान जो दिल में हो तो दिख जाता है झूठे चेहरों पे फरेब बड़ा साफ़ नज़र आता है कोई चुपचाप है और तुमसे कुछ नहीं कहता अक्सर मजबूरी …

वर्षा भादों की – शिशिर मधुकर

घुमड़ घुमड़ के आती हैं घटाएँ तेरी यादों की गिरा जाती हैं जो बिजली सारे टूटे वादों की मैं जन्मों से प्यासा हूँ नहीं ये प्यास बुझती है कोई …

मेरे दुश्मन – शिशिर मधुकर

मेरे दुश्मन मैं तुझको ये साफ़ पैग़ाम देता हूँ तेरी हरकत के कारण ही तुझे ये नाम देता हूँ तुझसे निपटने के मुझ पे भी इंतज़ाम हैं सारे मगर …