Tag: जीवन- दर्शन

एक यात्रा है ज़िन्दगी – अनु महेश्वरी

कोई गणित नहीं ज़िन्दगी, फिर क्यों हम लाभ हानि का हिसाब करे? आश की उम्मीद है ज़िन्दगी, रास्ते, चाहे हो, उतार-चढ़ाव भरे| जंग का मैदान नहीं ज़िन्दगी, फिर क्यों …

शिक्षा ही वरदान है – डी के निवातिया

शिक्षा ही वरदान है *** कल ही की बात है गावं से मैं गुज़र रहा था बुजर्गो की जमात से चौपाल जगमगा रहा था चर्चा बड़ी आम चली थी …

कुछ यादें बीते साल की – सोनू सहगम –

-: कुछ यादें बीते साल की :- कुछ यादें बीते साल की, नये साल में बहुत याद आयेगी कुछ यादें माना आँखें करेंगी नाम कुछ यादें चहरे पर मुस्कान …

फिर एक हादसा – अनु महेश्वरी

फिर जांच आयोग बैंठेगा, फिर शिकायतों का दौर चलेगा, फिर टीवी चैनलों पे वाद-विवाद होगा, फिर एक दूसरे पे दोषारोपण भी होगा| पर जिन्होंने भी जान गवाई, उनका क्या …

ज़िन्दगी की गाड़ी – अनु महेश्वरी

आज वक़्त ने जिस दहलीज पे ला खड़ा किया है, खामोशी में बस अपनी ही आवाज़ सुनाई देती है| आज काफ़ी रिश्तो से जैसे साथ ही छूट गया है, …

इंसानियत बड़ी — डी के निवातिया

इंसानियत बड़ी *** मंदिर बने या मस्जिद इस पर बहस लड़ी है ईश्वर रहेगा या अल्लाह इस पर बात अडी है जब पूछा जरूररतमंद, भूखे-प्यासे इंसान से बोला, मिले …

सृजन फिर से नया होगा – शिशिर मधुकर

अँधेरे जब कभी इंसान के जीवन में आते हैं तभी तो चाँद दिखता है ये तारे टिमटिमाते हैं सरद रातें हुईं लम्बी तो ग़म किस बात का प्यारे सुबह …

महात्मा ज्योतिबा फूले को नमन : ‘गोपी’

महात्मा ज्योतिबा फूले को नमन (28 नवम्‍बर : महात्‍मा ज्‍योतिबा फूले की पूण्‍य तिथि पर श्रद्धा सुमन) महाराष्ट्र पूना में मां चिमनाबाई की कोख में लिया आकार गोविन्‍द जी …

ज़िन्दगी का सच – अनु महेश्वरी

कुछ, पाकर खोया, कुछ, खोकर पाया यही तो है, ज़िन्दगी का सच, कोई नहीं, सकता इससे बच, जाना जिसने, इस राज को, समझदार, कहलाता है वो, जीवन भी उसका, …

ज़िन्दगी एक विश्वास है – अनु महेश्वरी

ज़िन्दगी, एक विश्वास है, थामे अपनों का हाथ, ज़िन्दगी, ख़ुशी के दो आंसू है, संघर्ष के बाद, ज़िन्दगी, कोमल कोंपल है, पतझड़ के बाद, ज़िन्दगी, बारिश की दो बुँदे …

मुस्कुरा बोलना सीखे हम – अनु महेश्वरी

ज़िन्दगी उतनी भी कठिन नहीं है, जितनी मुश्किल हमने खड़ी की है| थोड़ा सा, अहंकार अपना करे कम, थोड़ा सा, मुस्कुरा बोलना सीखे हम| किसी से बराबरी, अगर न …

राह में कभी कभी – अनु महेश्वरी

राह में कभी कभी, ऐसे लोग मिल जाते है, अंजान होते हुए भी, हमे खुशियां दे जाते है| ऐसे लोगो से मिलकर, अक्सर यही लगता है, इंसानियत अभी भी, …

समाज की सूरत – अनु महेश्वरी

जब तक बदलेगी नहीं, मानसिकता हमारी, केवल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे से, कैसे बनेगी समाज की सूरत ही प्यारी? मुस्कुराके करो स्वागत, बेटी का, जनम से, बिखरेगी …