Tag: जीवन दर्शन

खुद को हार कर देखो – शिशिर मधुकर

किसी को जीतना है तो खुद को हार कर देखो किसी के बिगड़े कामो को तुम संवार कर देखो ख़ुदा को यूँ ही नहीं इंसान यहाँ याद करता है …

* माँ मुझे बच्चा रहना है *

माँ मुझे बच्चा रहना है बड़ी-बड़ी बातें हमें नहीं करना सहिष्णुता-असहिष्णुता का पाठ हमें नहीं पढ़ना इमाईनुल , मोहन, रहीम संग खेलना है माँ मुझे बच्चा रहना है । …

देशों में ओ देश अपना …………..|गीत| “मनोज कुमार”

देशों में ओ देश अपना प्यारा हिन्द देश है अनोखी पहचान इसकी ऊँची अपनी शान है बहुरंगी संस्कृति इसकी भव्यता विशाल है मनमोहक है सुन्दरता वास्तुकला मिसाल है देशों …

अनुराग – शिशिर मधुकर

अगर देखता हूँ फूल मैं गुनाह तो नहीँ करता उसकी जया से बस उदास दिल मेरा संवरता कुदरत ने ये सब खूबियां यूँ ही नहीं बनाई हैं प्रक्रति पुरुष …

मुसीबत – शिशिर मधुकर

मुझे जब कोई भी इच्छा नहीँ थी कठिन तब कोई परीक्षा नहीं थी पर मैंने जब से उम्मीदों को पाला चिंता ने मुझको मुसीबत में डाला शिशिर मधुकर

निशब्द स्नेह – शिशिर मधुकर

आज भी मुझको वो घड़ी खूब याद हैं मेरी जिंदगी जब रूठी और बिखर गई प्रेम की देवी ने फ़िर ऐसा करम किया एक निशब्द स्नेह से किस्मत संवर …

हिन्दू मुसलमान

पहले अच्छे इंसान बनो फिर हिन्दू या मुसलमान बनो .. धर्म के नाम पर इंसानियत छोड़कर शैतान न बनो … इंसानियत सीखता है हर धर्म अपने धर्म को मानने …

परम उद्देश्य – शिशिर मधुकर

राधा ने मोहन को जब दिल में बसा लिया अपने रोम रोम में तब कान्हा को पा लिया कुछ बात खास थी वृषभानुजा के प्यार में कन्हैया भी जो …

सोचो ! अगर इंसान न होता… (एक और प्रयास)

सोचो ! अगर इंसान न होता तो क्या बुरा होता और क्या अच्छा होता सोचो ! अगर इंसान न होता… ज़मीं पे ये जो पड़ा होता है न ‘कूड़ा’ …