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आक्रोश – अनु महेश्वरी

जिसे देखो आक्रोश में है। कोई अपनी हताशा दूसरे पे, निकालने में लगा है, या कोई अपनी धौंस दिखाने में। कोई अपने घरवालों पे, कोई दफ्तर के कर्मचारी पे, …

ज़िन्दगी को खुल के हम जी लें – अनु महेश्वरी

जी लें जी लें ज़िन्दगी को खुलके हम जी लें रुक जाए साँसे उसके पहले जी लें जी लें ज़िन्दगी को खुल के हम जी लें। हँस लें हँस …

कलयुगी भक्ति में शक्ति

कलयुगी भक्ति में देखि शक्ति अपार, तभी तो बन बैठे वो महान ! कितने मुखड़े छिपे इन चेहरो में, इससे विचलित है स्वंय भगवान !! लूट खसोट कर अमीर …

भारत मेरा देश सलोना आगे बढने का कम यंहा कोना ~Gursevak singh pawar

दोस्तो यह मेरी नई कविता उन यवाओं की स्थिति बताती है जो आज युग मे भी आगे नही बढ़ पा रहे आज के इस टेक्नोलॉजी के युग में भी …

फिरोजाबाद की गलियाँ देखो, यूपी की रंग-रलियाँ देखो,….~Gursevak singh pawar

फिरोजाबाद की गलियाँ देखो, यूपी की रंग-रलियाँ देखो, चन्द्रमा की रोशनी की ठंडक से भी ठंडा न होता, वहां का जीवन, लोगो का वो सुहाग बनती, अपने आप को …

पैरों में ज़ंजीरें – शिशिर मधुकर

इन पैरों में ज़ंजीरें हैं रिश्ते नातों की भारी कह दो कैसे कर लूँ फ़िर मैं खोज तुम्हारी तेरा प्रेम सचिदानंद सागर हैं एक अनोखा बड़ी देर से समझ …

राधा माधव – शिशिर मधुकर

राधा माधव मेरे अंदर जिस पल मैं उनको पहचानूं प्रेम की इस असली शक्ति को तब ही तो पूरा जानूं इनके बिना तो कोई प्राणी जीवन ना पा सकता …

खुद की खोज – शिशिर मधुकर

प्रेम को बाहर ना ढूँढो बस अपने भीतर ही टटोलो बिना खोट वाले रिश्ते कहाँ मिलते हैं तुम ही बोलो कोई दावा कितना भी करे कि वो छाया है …

आशा-1…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

आशा….. हम में ही निहित है…जन्म से… प्रकिर्ति में निहित है हमारे चारों तरफ… यत पिण्डे तत ब्रह्मांडे… जो भीतर है वही तो बाहर है…. रोज़ ही फूल पौधे …

अधूरापन – शिशिर मधुकर

पा लिया सब तो फ़िर आनँद ना कोई आएगा खुशी मिलेगी जब कोई दिल भी तेरा दुखाएगा अधूरापन भी मानव जीवन में बड़ा ज़रूरी है तभी तो प्यासा कोई …

जीवन का आधार है बेटी………… “मनोज कुमार”

जीवन का आधार है बेटी सुख शक्ति संसार है बेटी बदल देती जो दुनिया को ऐसा एक बदलाव है बेटी अत्याचार करो नही इनपे दुर्गा की अवतार है बेटी …

“साया”

“साया” १. आज पूरा मानव-जिन्दगी पर है, आतंक का साया कभी सोंचा हमसब ने, ऐसा हाल किसने बनाया ये है सलीका ? मानव तंत्र को जगाने का गुप्त प्रकृति …

दहेज प्रथा – शिशिर मधुकर

दहेज प्रथा वास्तबिक जीवन में कोई अभिशाप नहीँ कुछ लोगों ने इसे अपने फायदे को है बदनाम किया वो माँ बाप जो बेटियो को बस एक बोझ समझते हैं …