Tag: विरह पर कविता

दिल का दर्द – शिशिर “मधुकर”

केवल तूने मेरा दिल ही न तोडा मुझे जिन्दा रहने काबिल भी न छोड़ा अब किस्से कहूँ मैं दर्द इस दिल का कोई सच्चा मीत नहीं है मेरी पीड़ा …

सुंदरता – शिशिर “मधुकर”

जब भी मैंने सुंदरता को परिभाषित करना चाहा एक तेरा ख्याल ही मेरे इस पागल दिल में आया मैं पा ना सका इस जीवन में तुझ जैसा सुन्दर मोती …