Tag: दर्द पर कविता

अश्क

लिखु तो क्या लिखु, अपनी दस्तान अश्कोंसे, मिट जाते हे दर्द-ए-निशा बे-जुबान अश्कों से अपनी आंखे सजाऊ उसकी यादो को छुपाकर तो बेहजाती हे हर याद इन बे-रंग अश्कों …