Tag: माँ पर कविता

मदर डे के विशेष अवसर माँ के नाम एक छोटी सी प्रार्थना…………

मदर डे के विशेष अवसर माँ के नाम एक छोटी सी प्रार्थना !! हे जग जननी, हे जग पालक, जीवन दायनी ! हे माते भवभामिनि तुझे कोटि कोटि प्रणाम …

* माता-पिता के चरणों में चारो धाम *

रघुपति राघव राजा राम माता-पिता के चरणों मर चारो धाम , पिता आकाश हैं तो माँ हैं धरातल इनके जैसा न है कोई यहाँ पर , निश्चछल प्रेम बरसे …

माँ मुझको फिर लोरी सुना दो………

माँ मुझको फिर लोरी सुना दो, अपनी गोद में मुझे सुला दो !! विरह व्यथित हु, दीन दुखी मै अब हार थककर चूर हुआ हूँ रखकर अपने पुष्प हाथो …

* माँ से बड़ा इस दुनियाँ में न कोई है *

माँ से बड़ा इस दुनियाँ में न कोई है जिसके पास माँ नहीं वो बड़ा बदनशीब है। माँ की आँचल की छाया सब की नसीब बनाया माँ के आशीष …

शिकवा बेटी का ……

क्यों कहती माँ तुम “बेटा” मुझको क्यों मेरी पहचान मिटाती हो ! मेरा भी अपना असितत्व है, दुनिया में उसे क्यों छिपाती हो !! क्यों कहती………………………!! जन्म हुआ होगा …

सिर्फ एक “माँ” कर सकती है

सहकर कष्ट अपार जीवन दुसरो का जीवन बना सकती है करने को जीवन प्रदान किसी को खुद की जान दाँव पे लगा सकती है वो सिर्फ एक माँ ही …

!! एक शब्द माँ के नाम !!

मेरा एक शब्द मेरी जननी के नाम जब पहली बार, मुख से निकला होगा वो प्रिय शब्द जिसको मात्र उसी ने सुना होगा, फुले नही समायी होगी, सुनकर दौड़ी …

माँ ,मम्मी, अम्मी या आई

“””””””””माँ,मम्मी,अम्मी या आई”””””””””” कैसे समझाऊँ?, कैसे बतलाऊं?, वो नारी मेरा मान है सबसे है अलग, सबसे है जुदा, वो मेरा अभिमान है | सिर्फ दर्द नही, हर ख़ुशी में …

माँ की याद – डी. के. निवातिया

माँ की याद *** मिलता है बहुत कुछ इस नए जमाने में फकत इस दिल को तसल्ली नहीं मिलती ! पेट तो भर लेता हूँ हर रोज़ मगर, माँ …

तेरा दुलार याद आता है

कभी तुम्हारी हंसी, कभी तेरा डांटना याद आता है। आँखों में तुम्हारे नमीं, माँ तेरा दुलार याद आता है। लगती कभी चोट मुझको, तू गले से मुझे लगाती। छोड़ …

गोदी

जब कभी, आँख लगती थी मेरी, मै, सो जाती थी | क्या पता, क्या हो जाता था मुझे, दिल-ही-दिल मे, घबरा जाती थी |   आंसू, बहते थे आँखों से, तेरे पल्लू से, पोछ  देती थी उसे |   गोदी, मे सो जाती थी मै, लोरी, को सुनती थी मै | …