Tag: माहात्मा गांधी पर कविता

“तुझे मारने वाले”

तुझे मारने वाले बाईज़्ज़त बरी हो गये हैं हरिजनों के, तेरे वे अब हरि हो गये हैं लोग हुकूमत, दे रहें हैं उनकी हाथों में खुशीसे खुल्लमखुल्ला देस में …