Tag: प्रेम

एहसास ए मुहब्बत – शिशिर मधुकर

तुमसे कैसे कहें हम तुमको कितना याद करते हैं एहसास ए मुहब्बत क्या कभी चाहने से मरते हैं गमों की खाई से तुमने ही तो हमको निकाला था तुम्हारा …

पीर का पानी – शिशिर मधुकर

यूँ ही नहीं मैं तुमको नित एक संदेशा भेजता हूँ तेरी आँखों के दर्पण में खुद की छवि देखता हूँ इस दर्पण पे कहीं धूल का गुबार जम ना …

मुझको भी थाम ले -शिशिर मधुकर

ज्यों थामा था मैंने तुमको कोई मुझको भी थाम ले धड़कनों में बसा ले अपनी रात दिन मेरा ही नाम ले बड़ी किस्मत से यहाँ मिलते हैं ऐसे साथी …

माथे का कुमकुम – शिशिर मधुकर

मेरी जिंदगी में सब कुछ छोड़ कर गर जो आते तुम तुम्हारे मरमरी चेहरे की मय पी मैं रहता नशे में गुम बड़ा वीराना रहता है मेरी मुहब्बतों का …

नूर फिर से लौटा है – शिशिर मधुकर

प्यार ही प्यार था तेरी इन हंसी निगाहों में मैं खुद को भूल गया तूने भरा जो बाहों में जिंदगी में हर ईक चीज तुमको मिल जाए खुशी मिलती …

चालाकी से गहते हैं -शिशिर मधुकर

मुहब्बत को भुला दें हम वो हमसे ये कहते हैं दर्द का क्या पता उनको जो ना चोट सहते हैं ईंट गारे का घर भी तोड़ना आसां ना होता …

प्रीत का रंग – शिशिर मधुकर

हाथ छूटे हैं जीवन में मगर बंधन तो नहीं टूटे दूरीयां चाहे हों जैसी ना तुम रूठे ना हम रूठे समय का फेर है सारा इसका क्या करे कोई …

तेरी खुशबू से -शिशिर मधुकर

तेरी खुशबू से हम तुझको यहाँ पहचान ही लेंगे तू आई है हवाओं के रुख से ये भी जान ही लेंगे सरद मौसम ज्यों बीतेगा नरम सी धूप बिखरेगी …

काश तुम साथ में होते – शिशिर मधुकर

काश तुम साथ में होते तो जीवन खुशनुमा होता तन्हाई का गहरा दाग़ तब ना कोई बदनुमा होता तेरी उल्फ़त में हर शै को मैं फिर कुर्बान कर देता …

ढलती सी शाम – शिशिर मधुकर

ऐ दुनियाँ वालों तुमको यहाँ ना कोई काम है प्रेम को रुस्वा कर ही तुम्हें मिलता आराम है तुम क्यों ना समझते हो यही ईश्वर का रूप है हर …

वो आखों के रास्ते से मेरे दिल में आने लगे हैं।

आकर तितलियां मेरी गालों पे बैठने लगीं हैं। झुर्रियां का फेरा  समेटने लगी हैं। कुछ मधुकर मेरे कानों को गीत सुनाने लगे हैं। ये मेंढ़क भी मेरी चौखट पर …

जीवन्त मूरत – शिशिर मधुकर

तुमसे कैसे कहूँ तुम मेरी कितनी ज़रूरत हो मुझे सुख चैन देने वाली एक भोली सूरत हो हर अंग में जिसके छवि दिखती है बस मेरी प्रेम के रंगो …

नाम जब चाहा – शिशिर मधुकर

मैंने नाम जब चाहा तो फिर मैं प्यार को भूला नफे नुकसान की बातों में बस मन मेरा झूला बड़े महलों में भी अक्सर अकेले लोग रहते हैं जिसने …

“दुआ मागूँगा तुम्हारे लिए रब से ,तुम मुस्कराना प्रिये!”

मैं जागूँगा अब से रातों में तुम सो जाना प्रिये! दुआ मागूँगा तुम्हारे लिए रब से ,तुम मुस्कराना प्रिये!! न कुछ कहूंगा तुमसे ,न कोई शिकायत है मेरी , …

हाँ !दिल ए जान से प्यार ,मुझसे करते हो तुम।

जुवां की भाषा निरर्थक रही ,दिल की जुवां को समझते हो तुम। वीरानियों में घिरुं मैं जब भी , प्रेम की बारिश से बर्षते हो तुम। लड़खड़ाते हो ,गिरते …

तेरे अल्फाज – शिशिर मधुकर

तेरे अल्फाज सुनने को मैं ज्यों बेताब रहता हूँ निज मन की ये बात लो खुलकर के कहता हूँ तुम्हारे मान वर्धन से मुझको संतोष मिलता है खुशी के …

तेरे सब गम चुरा लेंगे…………….. भी बुला लेंगे |गीत| “मनोज कुमार”

तेरे सब गम चुरा लेंगे तेरे सब दर्द मिटा देंगे छाया तेरा नशा दिल पे तेरे सब कर्ज मिटा देंगे माना ये दौर है मुश्किल ख़ुशी फिर भी चुरा …