Tag: प्रेम

खुशी मिलती है मुझको- शिशिर मधुकर

तेरी सूरत ही अब तो मेरे जीवन का सहारा है खुशी मिलती है मुझको इसे जब भी निहारा है भले तुम दूर रह कर के प्रीत अपनी जताती हो …

कुछ और सब्र कर लो – शिशिर मधुकर

कुछ और सब्र कर लो प्रीतम मैं पास तुम्हारे आऊंगी जिसको पाकर तुम हँस दोगे वो प्रेम सुधा बरसाउंगी मुझको भी एहसास है तुम मेरे बिन कितना तड़पे हो …

हिज़्र की आग- शिशिर मधुकर

मुझे मालूम है मैं तो तेरी सांसों में बसती हूँ यही वो राज़ है जिसको दबा मन में मैं हँसती हूँ मधुर संगीत वीणा का अधिक मीठा ही होता …

मुझे अंदाज न था – शिशिर मधुकर

मुहब्बत कैसे होती है ये मैंने तुमको सिखलाया तुम्हें पाकर मेरा मन देख लो कितना इठलाया मुझे अंदाज न था इस छुपी ताकत का जज्बे में तुम जैसे पत्थर …

फक़त वो साथ है तेरा- शिशिर मधुकर

मुझे खुशियां जो देता है फक़त वो साथ है तेरा जिसे पकडूं तो गुल खिलते हैं वो बस हाथ है तेरा जिसे चूमूँ सुकूं मिलता है मुझको रूह के …

कभी तुम दूर ना जाओ – शिशिर मधुकर

तेरी फुरकत में तड़पा हूँ मेरी बाहों में आ जाओ मेरे सपनों को सच कर दो निगाहों में छा जाओ बड़ी मुद्दत हुई संगीत जीवन से हुआ रुखसत गीत …

रिश्तों की जटिलता है – शिशिर मधुकर

तेरी बोली जो सुनता हूँ सुकूं कानो को मिलता है कमल मेरे हृदय का देखो तो इतरा के खिलता है बात आगे ज्यों बढ़ती है पवन सी चलने लगती …

पीर पर्वत सी – शिशिर मधुकर

मुझे एहसास है तुम अब भी मेरी राह तकते हो लाख दुश्वारियां आएं मगर फिर भी ना थकते हो मुझे मालूम है वो पीर पर्वत सी तन्हा दिल की …

मुझे एहसास है – शिशिर मधुकर

तुम्हें ग़र छोड़ना होता तो फिर मैं पास क्यों आती तुम्हारे संग हसीं लम्हों के नए सपनें क्यों सजाती मेरी मजबूरियां समझो जो मैं तुमसे दूर रहती हूँ तड़पते …

तेरी शह नहीं पाते – शिशिर मधुकर

मुहब्बत तुमसे है इतनी तेरे बिन रह नहीं पाते बात दिल में हज़ारों हैं मगर हम कह नहीं पाते ज़माने ने किया मज़बूर न हों नज़दीकियां तुम से मगर …

तड़प सीने में होती है – शिशिर मधुकर

चोट खा के समझ आया कितने बेईमान चेहरे हैं पीर मिटती नहीं मन की घाव कुछ इतने गहरे हैं सुकूं हम ढूढ़ने को उसके सीने से लगें कैसे बड़ी …

जब दिल में मुहब्बत होती है- शिशिर मधुकर

जब दिल में मुहब्बत होती है नज़रों से बोला करती है मुँह से निकली हर बात भी तब राज़ों को खोला करती है जब फूल जुबां से झरते हैं …

गीत वो फिर से गा जाओ – शिशिर मधुकर

देखो बादल बरसते हैं चलो अब तुम भी आ जाओ गुलाबों की महक बन के मेरी दुनिया में छा जाओ वो कसमें और वादे हमनें किए जो एक दूजे …

हर दरकार फिर स्वीकार हो जाए – शिशिर मधुकर

आँख खुलते ही जो रुख का तेरे दीदार हो जाए दवा-दारु बिना फिर ठीक ये बीमार हो जाए ज़रा सा मुस्कुरा के तू अगर बाहों में भर लेगी वो …

आँखें जताती हैं – शिशिर मधुकर

मुहब्बत दिल में होती है मगर आँखें जताती हैं खुशबू प्यार की मुझको तेरी बातों से आती है सभी कुछ पास है मेरे मगर फिर भी अधूरा हूँ जिसे …

लम्हें भी ठहरे हैं – शिशिर मधुकर

तेरी एक दीद को हम तो यहाँ कब से तरसते हैं वो बादल गड़गड़ाते हैं मगर फिर ना बरसते हैं उनको मालूम है हाथों में उनके बस करिश्में हैं …

तिनकों से ढहते हैं – शिशिर मधुकर

मुहब्बत जिनसे है मुझको वो हरदम दूर रहते हैं तन्हा तड़पाते हैं मुझको खुद भी तो पीर सहते हैं एक दिन जान ले जाएगी ये दूरी जो बैरन हैं …

हम ना थकते है – शिशिर मधुकर

राहों में जिन पे तुम मिले उन पे भटकते हैं मुद्दत हुई तुम्हें ढूंढते पर हम ना थकते है अमवां पे बौर आ गया पुरवाई जब चली फल मगर …

प्रीत के फेरे – शिशिर मधुकर

तुम्हें दिल दे दिया मैंने नहीं कुछ पास अब मेरे मेरी साँसों की खुशबू बस चुकी है साँसों में तेरे दूरियां अब कभी हमको परेशां कर न पाएंगी हवाएं …

प्रेम चाहे पलों का हो- शिशिर मधुकर

वो तो परियों की रानी थी रूप उसका सलोना था किसी भी हाल में लेकिन उसे मेरा ना होना था मुझे मिलती थी वो जब भी सदा कुछ कहना …

प्रेम का रिश्ता – शिशिर मधुकर

मुझको मालूम है तन्हाइयों में तू भी रोता है तेरा ग़म दूर रह कर भी मुझे महसूस होता है ज़िन्दगी क्या करें अच्छे बुरे रिश्तों का बंधन है मुहब्बत …

प्रीत छलक जाती है- शिशिर मधुकर

मैं कितना भी छिपाऊं पर, प्रीत छलक जाती है तन्हाइयों में हर पल बस एक, याद तेरी आती है मैं सोचती हूँ जब भी, ख्यालों में तुम ही आते …