Tag: प्रेम

तू कितनी गजाला है – शिशिर मधुकर

तुम्हारे रूप को अल्लाह ने जिस साँचे में ढाला है मेरी जान जांन लो इसने ही मेरा दम निकाला है तेरी आँखों को तकता हूँ तो मुझको झील दिखती …

असली चाहत का संसार – शिशिर मधुकर

नहीं है कोई भी शिकवा जानता हूँ मैं मजबूरी एक घर बनाने में गुज़र जाती है ये उमर पूरी असली चाहत का संसार तो दिल में बसता है दिखाएं …

स्नेह धागा – शिशिर मधुकर

सुन बात धोबी की प्रभु ने सिय को त्यागा था माता के जीवन में ये पल कितना अभागा था मुश्किलें कितनी भी आईं वो नैहर नहीं लौटी प्रभु सम्मान …

दिल करता है……………. कर देता हूँ |गीत| “मनोज कुमार”

मैं और मेरी कलम…………….. दिल करता है जब जब में,लिख देता हूँ | मैं अपनी कलम से अपना, दर्द बयाँ कर देता हूँ || मैं और मेरी कलम हम …

छोड़ दी है………….तेरे ही लिये |गीत| “मनोज कुमार”

छोड़ दी है नौकरी भी तेरे ही लिये लगने लगे चक्कर गली तेरे ही लिये देखा तुझे गाने लगा गीत भी दिल तेरे इस मुखड़े पे ये मरने लगा …

सर झुका लिया – शिशिर मधुकर

संयम का नया सोपान देखो हमने पा लिया तुम सामने खड़े थे फिर भी मुँह घुमा लिया कच्ची नहीँ है प्रीत जो बारिशों में टूट जाएगी यादों में जल …

ज़माना कहता है – शिशिर मधुकर

तुम्हे देखा है सुबह शाम ज़माना कहता है तेरी खातिर हुआ बदनाम ज़माना कहता है बड़ा काबिल था मैं एक दिन सबकी निगाहों में मगर मुझको नहीं अब काम …

कैसे भुला दें हम – शिशिर मधुकर

दिल तुम से लग गया है कैसे भुला दें हम अरमान जो जग गए है कैसे सुला दें हम लाखों जतन किए हैं यहाँ तुमको हँसाने में कैसे खुद …

उनको मनाइये – शिशिर मधुकर

रूठे हुए जनाब हैं उनको मनाइये टूटे हुए से ख्वाब हैं उनको मनाइये ऐसी ना कोई बात है इतने खफा हैं वो आँखों में आफताब है उनको मनाइये सज …

शिकवे किसे कहूँ – शिशिर मधुकर

मुझको तुम्हारे प्यार ने फिर से जिला दिया तेरा करम हुआ मुझे अमृत पिला दिया उजड़े थे मुहब्बत की राहों में जब चले किस्मत ने मुझे तुमसे लेकिन मिला …

इश्क की लगन – शिशिर मधुकर

चेहरे में जिनके देख लो एक बार तुम खुदा वो अपने ज़िन्दगी में कभी होते नहीं जुदा कोशिश करी हैं लाख मैंने निशानियां मिटे हर अंग में नाम उसका …

प्रेम की ज्वाला – शिशिर मधुकर

किसी ने दर्द अपना ढेर सा शब्दों में कह डाला किसी को ग़म छुपाने में मदद करती है ये हाला किसी ने सिल लिए लब सच जग से छुपाने …

अश्रु बरसते हैं – शिशिर मधुकर

किसी से दूर होकर भी हम तो मन में बसते है किसी के साथ रहकर वो सदा तन्हा तरसते हैं किसी का दिल दुखा प्रेम को तुम पाओगे कैसे …

६१. आ जाओ इस दिल में…………. सब मस्तियाँ |गीत| “मनोज कुमार”

आ जाओ इस दिल में तुम, खाली हैं कुछ जीबियाँ मैमोरी अभी फुल नही, सेव हैं सब मस्तियाँ आ जाओ इस दिल में……………………………… सब मस्तियाँ गूगल याहू पे खोजा …

६०. अब तो आजा ………………….|गीत| “मनोज कुमार”

अब तो आजा आजा आजा अब तो आजा आजा जानेजा जानेजा आजा आजा……….२ तेरी सूरत बिन देखे अरसा हो गया आजा आजा जानेजा जानेजा आजा आजा……….२ अब तो आजा …

५९ .आइना जैसा………….. जान दिल |गीत| “मनोज कुमार”

आइना जैसा नाजुक है दिल बड़ा कमजोर मेरा है दिल टुकड़े टुकड़े हो जायेगा ये घूरो तोड़ो नही जान दिल आइना जैसा………….. जान दिल इसमें जब भी कोई देखता …

समय आजमाता है – शिशिर मधुकर

मुहब्बत क्या हुई तुमसे भूल बैठे जहाँ को हम तुम्हारे बिन तुम ही कह दो जाएं कहाँ को हम जुड़े हैं तुमसे कुछ ऐसे सारे तार इस दिल के …

मन का नाता – शिशिर मधुकर

वो पूछते हैं मुझसे खयालों में कौन आता है उन्हें कैसे मैं बताऊँ किस से मन का नाता है कुछ रिश्तों के जीवन में कभी नाम नहीं होते मगर …