Tag: होली पर कविता

अबके बरस होली में-शिशिर मधुकर

अबके बरस होली में घोल नशा बोली में प्यार से बुला ले मुझे अंग तू लगा ले सजन रंग लगी चोली में कलियों पे भंवरे मचल रहे अरमान मेरे …

होली का चाँद

रंगीन चाँदनी से आकाश जगमगाया, होली का चाँद कैसे सज संवर के आया, अपनी हथेलियों में गुलाल भर के लाया, ओ कलियों जरा बच के भँवरे हैं स्वांग रच …