Tag: जानवरों पर कविता

चीटियाँ

चीटियाँ मृत्यु तक सर्वशक्तिमान हैं भूमि पर स्थित हर चीज़ तक उनकी पहुँच है वे जानती हैं मनुष्य की क्षुद्र और नश्वर दुनिया के बहुत से तथ्य अपनी सूक्ष्म …

जैसलमेर

रेत एक दृश्य था असमाप्त उचाट निस्संग आकाश और बाँझ पृथ्वी के बीच टँगा हुआ किवाड़ भेडें और गोबर लिपे आँगन सवेरे से टीलों के बीच उबल रहे थे …

मधुमक्खियाँ

किस आत्मलीनता में डूबी रहती हैं मधुमक्खियाँ वे कब सोती और कब जागती हैं निरन्तर उड़ती और गुनगुनाती ही क्यों दिखलाई देती हैं मधुमक्खियाँ क्या वे जानती हैं कब …