Tag: बाल कविता

मौसम गर्मी का — डी. के. निवातिया

मौसम गर्मी का सूरज ने जब दिखलाई  हेकड़ी तरबूज बोला फिर मुँह फुलाये तू करेगा जितना ज्यादा तंग भाव मेरा उतना ही बढ़ जाये ! ! खीरा, ककड़ी, और …

हम बच्चे मस्त कलंदर — डी के निवातिया

एक मुट्ठी में सूरज का गोला एक में लेकर  चाँद सलोना खेलने निकले हम अम्बर पे करके सितारों का बिछोना ! हम बच्चे है मस्त कलंदर, काम है हँसना …

मन मेरा इत उत भागे रे….सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

मन मेरा इत उत भागे रे…. उड़ जाए बदली बन कभी… कभी चाँद सा झांके रे…. जंगल में सबने क़ानून बनाया… दुश्मन भी जिसने दोस्त बनाया… बिल्ली मौसी के …

३७. जीवन का आधार है बेटी………… “मनोज कुमार”

जीवन का आधार है बेटी सुख शक्ति संसार है बेटी बदल देती जो दुनिया को ऐसा एक बदलाव है बेटी अत्याचार करो नही इनपे दुर्गा की अवतार है बेटी …

हिंदी स्वर वर्णमाला (बाल कविता)

‘अ’ से अमरूद ‘आ’ से आम रघुपति राघव राजा राम।। करते जाना अच्छे काम इक दिन होगा तेरा नाम।। ‘इ’ से इमारत ‘ई’ से ईख देख छिपकली निकली चीख। …

सपने में रेल (बाल कविता)

छुक छुक करती आई रेल और मचा फिर ठेलम ठेल।। हुई व्यवस्था सारी फेल। चढने में हम जाते झेल। यात्री करते भीषण शोर लगा रहे सब अपना जोर। कुली …

२७. हैप्पी बर्थ डे………. “मनोज कुमार “

हैप्पी बर्थ डे सृष्टि आज ११/०९/२०१६ को मेरी प्यारी गुडिया सृष्टि का जन्म दिन है जो की आज पांच वर्ष की हो रही है | उस नन्ही परी के …

“मेरी किताब”-शीतलेश थुल

“मेरी किताब” किसी के लिए महज पन्नो की गठरी, तो किसी के लिए कागज का टुकड़ा है किताब, पर मेरे लिए तो मेरी दोस्त है मेरी किताब, कोई कहता …

नन्ही चिड़िया : बाल कविता

ताटंक छंद प्रथम पंक्ति -16 द्वितीय पंक्ति 14 पदान्त मे 3 गुरु मेरे आँगन में इक चिड़िया चीं-चीं करती आती है। पंचम सुर में गीत सुनाकर मुझको रोज जगाती …

बच्चे की चाहत

मम्मी पापा की चाहत मै इन्जिनियर डाक्टर बन जाऊ पर कोई मुझसे ना पुछे, मै क्या बनना चाहूँ फूलों पर तितलियाँ इतरायें इठलायें पास आती देख मुझे पल भर …

देखों सवेरा हो गया!

माँ कह रही बैठ सिरहाने उठ जाओ मेरे लाल, देखो सवेरा हो गया! टेशू फूलों पर तितलियाँ सहकी भ्रमर गुंजन से कलियाँ बहकी बागों में कूकू कोयल कहकी मोर …

प्रज्ज्वल और रिद्धि

*बाल कविता(चौपाई छंद)* प्रज्ज्वल, रिद्धि नाम हमारे। हम हैं बच्चे मन के न्यारे।। मम्मी की आँखों के तारे। पापा को प्राणों से प्यारे।। मम्मी हमको सुबह जगाती। ब्रश करवाकर …

१२.पापा, चिज्जी ले आना…………. |गीत|– “मनोज कुमार”

बिटिया की खुवाइशों को गीत में ढ़ालने की कोशिश ……………… पापा पापा पापा, चिज्जी ले आना | जाओ जब बाजार, चिज्जी ले आना || टॉफी चाकलेट ज्यादा, तुम ले …

१. नटखट चंचल शर्मीली……………………. ||गीत ||– “मनोज कुमार”

नटखट चंचल शर्मीली सी , मूरत सी सुन्दर प्यारी सी | मम्मी की पापा की भोली सी , छोटी है गुडिया कोमल सी || नटखट चंचल शर्मीली सी …………… …

सारे जग मे अपनी पहचान बनाना है

सारे जग मे अपनी पहचान बनाना है, फूलों से कलियों से मुस्कान चुराना है। ग़म की वादी को हम खुशियों से सजाएगें, हर दिल मे मोहब्बत का एक फूल …

काहे का बाल दिवस …..

काहे का बाल दिवस ….. जब तक हर बच्चा स्कूल जाता न हो अमीरो के घरो में काम कराना बंद न हो बाल मजदूरी देश में पूर्णतया बंद न …

बच्चो की दिवाली……………

बच्चो की दिवाली !! जब तक न हो कोई शरारत नहीं बनती बच्चो की दिवाली पडोसी के द्वारे बम न फोड़े तब तक कहाँ लगती दिवाली !! आस पास …

मौसम सर्दी का………

घर बन जाते बच्चो की जेल मुँह से चलती भाप की रेल सर्दी से बदन जब लगे ठिठुरने मानो आया मौसम सर्दी का !! बाजारों में हो त्योहारो की …

चिड़िया रानी…..(बाल कविता)

चूं चूं करती चिड़िया रानी नित नया संगीत सुनाती है ! डाली-डाली, दौड़े वृक्ष-वृक्ष प्रातकाल हमको जगाती है !! उठो जागो हुआ सवेरा अपनी धुन में गाती है ! …

सब्जी वाला – शिशिर “मधुकर “

देखो आया सब्जी वाला देखो आया सब्जी वाला किसी को कहता है अम्मा जी किसी को कहता है वो खाला गोभी लेलो. बैगन लेलो. टमाटर भी है लाल वाला …