Tag: कविता

मांझी—डी. के. निवातिया

लड़ाई गर मुद्दे पर हो तो लड़ने में मजा आता है उलझकर उलझनों में जीने का आनद आता है चिकनी सडको पर रफ़्तार आजमा लेते है सभी तूफानी लहरो …

नेकचंद ///// ~Gursevak singh pawar

अरे दूर-दूर तूं जाकर अपने सपने देख है पाया, जगह-जगह तूं जाकर अलग-अलग पत्थर है ला पाया, लोग कूड़ा कर्कट फेंक है देते, उसे उठा तूं है लाया, तराश …

अब्दुल कलाम, तुझे मै करता रहूँ हमेशा सलाम !! ~Gursevak singh pawar

देश को बुलंदी पर पहुँचाने वाला, अपने आप को देश के लिए बनाने वाला !! अब्दुल कलाम, तुझे मै करता रहूँ हमेशा सलाम !! ख़ुशी-ख़ुशी तुम ने अपना जीवन …

उधम सिंह सरदार… ~Gursevak singh pawar

उधम सिंह सरदार… देश की शान बचाने वाला, देश का मान बढ़ाने वाला !! उधम सिंह सरदार… पंजाब की मिटटी मे पैदा होकर, तुमने गुरुओं का मान बढ़ाया !! …

भारत मेरा देश सलोना आगे बढने का कम यंहा कोना ~Gursevak singh pawar

दोस्तो यह मेरी नई कविता उन यवाओं की स्थिति बताती है जो आज युग मे भी आगे नही बढ़ पा रहे आज के इस टेक्नोलॉजी के युग में भी …

फिरोजाबाद की गलियाँ देखो, यूपी की रंग-रलियाँ देखो,….~Gursevak singh pawar

फिरोजाबाद की गलियाँ देखो, यूपी की रंग-रलियाँ देखो, चन्द्रमा की रोशनी की ठंडक से भी ठंडा न होता, वहां का जीवन, लोगो का वो सुहाग बनती, अपने आप को …

ए-रूबरू जिंदगी क्या बुनियाद तेरी… ~ Gursevak singh pawar

रूबरू ए-जिंदगी क्या बुनियाद है तेरी, कंहा से तू शुरू हुई, कहाँ पर ले जाएगी !! बचपन में तू शुरू हुई, बुढ़ापे में ले जाएगी, साथ तेरा है झूठा, …

बिटिया तेरी क्या जिंदगी क्या तेरी प्रशंसा.. ~गुरसेवक सिंह पवार जाखल

बिटिया तेरी क्या जिंदगी क्या तेरी प्रशंसा, तेरा जन्म न होने देते लोग हमारे देखो, कहते है बेटा हो जाए, वरना ठोकर मारे हमको, अगर तुमको कोई ले आए, …

एक मुलाक़ात….

एक मुलाकात______ क्या रिश्ता है तुझसे मेरा.. बता पाओगे मुझे ज़रा क्या नाम दूँ… कुछ तो कहो ज़रा ना तुम जीवन साथी… ना ही हो मेरे साथी… फ़िर भी…हर …

अभिनय…..सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…..

बचपन में परियों की कहानी सुनते थे… जब भी बच्चे को सुलाते थे… बोलते थे की सो जा …. सपने में परी देश से परी आएगी… सुन्दर सुन्दर खिलोने …

सच का सामना – अनु महेश्वरी

कभी कभी सच को देख आँखे बंद कर लेते हम सच का सामना करना क्या मुश्किल है बहुत? या फिर हम सच्चाई देखना ही नहीं चाहते? अक्सर अपने ख्यालो …

बेटियाँ

घर आँगन की पहचान होती है बेटियाँ हर चेहरे की  मुस्कान होती है बेटियाँ राम, कृष्ण भी लेकर आते है अवतार ममता का ऐसा भण्डार होती है बेटियाँ !! …

* माँ मुझे बच्चा रहना है *

माँ मुझे बच्चा रहना है बड़ी-बड़ी बातें हमें नहीं करना सहिष्णुता-असहिष्णुता का पाठ हमें नहीं पढ़ना इमाईनुल , मोहन, रहीम संग खेलना है माँ मुझे बच्चा रहना है । …

मुस्कान

मुस्कान… ऐसी है तेरी मुस्कान मुरचित चेहरे पे ला देती है जान ऐसी है तेरी मुस्कान… कोमल सी तुम्हारे गात् जैसे किचड़ से निकल कर मेरे ऑंगन मे खिल-खिला …

वो आखों के रास्ते से मेरे दिल में आने लगे हैं।

आकर तितलियां मेरी गालों पे बैठने लगीं हैं। झुर्रियां का फेरा  समेटने लगी हैं। कुछ मधुकर मेरे कानों को गीत सुनाने लगे हैं। ये मेंढ़क भी मेरी चौखट पर …

हिन्द धरा—डी के निवातिया

ये हिन्द धरा है शेरो की मत इस पर तुम प्रहार करो ये पावन धरा है देवो की इसे शीश झुका प्रणाम करो !! ये देखो हिन्द हिमालय से …

“अरूणाभा-एक बेटी के प्रति पिता का हृदय”

वह सुन्दर सी, कोमल हाथों में जब मेरे आयी पुलकित हुआ हृदय मेरा जब देखा चेहरे पर लालिमा छायी । प्यारा सा सुस्मित चेहरा लग रहा हो जैसे चन्द्रानन …

“दुआ मागूँगा तुम्हारे लिए रब से ,तुम मुस्कराना प्रिये!”

मैं जागूँगा अब से रातों में तुम सो जाना प्रिये! दुआ मागूँगा तुम्हारे लिए रब से ,तुम मुस्कराना प्रिये!! न कुछ कहूंगा तुमसे ,न कोई शिकायत है मेरी , …