Tag: कविता

कैसे बनेगी कोई बात – अनु महेश्वरी

कैसे सुधरेंगे हालात, कैसे बनेगी कोई बात, कथनी और करनी में, जब तक रहेगा विरोधाभास| कैसे कायम रहेगा विश्वास, कैसे बढ़ेगा सच का मान, चलता रहेगा झूठ धरल्ले से, …

मैं आधुनिक नारी हूँ

मै अबला नादान नहीं हूँ दबी हुई पहचान नहीं हूँ मै स्वाभिमान से जीती हूँ रखती अंदर ख़ुद्दारी हूँ मै आधुनिक नारी हूँ पुरुष प्रधान जगत में मैंने अपना …

कविता क्या है ? (मुक्ता शर्मा)

कविता क्या है? विचारों की रेल भावनाओं के डिब्बे और शब्दों का सार्थक खेल लौकिक से आलौकिक तक सच्चाई की जमीन  हो तो क्या कमाल है कविता इस अनुसंधान …

विश्वास हमारा बना रहे – अनु महेश्वरी

ऐसी दया हम पे करो हे भगवन, तुझ पे, विश्वास हमारा, बना रहे कोई चमत्कार ऐसा करो, हे भगवन, तुझ पे, अटूट आस्था, कायम रहे| सुना है तुमने, कंस …

कौआ और गिद्ध (मुक्ता शर्मा)

                कौआ और गिद्ध निर्जीव का माँस नोचने वाले दुर्गंध में जीने वाले                                  एक जैसे,पर दिखने में अलग.                     देखो गिद्ध और कौआ …

समाज की सूरत – अनु महेश्वरी

जब तक बदलेगी नहीं, मानसिकता हमारी, केवल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे से, कैसे बनेगी समाज की सूरत ही प्यारी? मुस्कुराके करो स्वागत, बेटी का, जनम से, बिखरेगी …

हे गुरुवर तुम्हे प्रणाम — डी के निवातिया

हे गुरुवर तुम्हे प्रणाम *** तुम हो प्रबुद्ध, मनीषी शास्त्र, बोध के धोतक तुम जग के शिल्पकार हे गुरुवर तुम्हे प्रणाम !! संचित कर बुद्धि विवेक से जीवन करते  …

जरुरत से बनते और बिगड़ते है रिश्ते – अनु महेश्वरी

जरुरत से बनते और बिगड़ते है, रिश्ते जहाँ, ऐसी दुनिया में कैसे मिले, सुकून किसीको यहाँ? न अपना कोई सगा यहाँ, न ही कोई है बेगाना यहाँ, बस मतलब …

ज़िन्दगी – अनु महेश्वरी

ज़िन्दगी भी कितनी अजीब है, एक ही परिस्थिति, किसी के लिए, खुशियां है लाती, किसी को केवल, गम है दे जाती| कोई यहाँ, गम को भी, अपने, मुस्कराहट के …

विजय दिवस है, आज तिरंगा ऊँचा है………….. |गीत| “मनोज कुमार”

नाचो झूमो गाओ साथी आओ आओ साथी मिलके गाओ आओ विजय दिवस है, आज तिरंगा ऊँचा है मिलके ख़ुशी मनायें, तिरंगा ऊँचा है ऊँचा है तिरंगा अपना ऊँचा है …

तुम कर्णधार हो – अनु महेश्वरी

उठो, जागो, नौजवानों, तुम पर ही, अब, भारत का सब, भार है, विश्वास हमें है पूरा तुम पे, तुम रखोंगे, इसे सम्भाल के| जब जब दुश्मन वार करें, शीश …

धैर्य का महत्व – अनु महेश्वरी

बेवजह किसी बात को तूल न देकर, मैंने ज़िन्दगी में खुश रहना सीख लिया| दिखावा को जीवन से दूर रख कर, मैंने ज़िन्दगी में सादगी को अपना लिया| जो …