Tag: कविता

न जाने क्यूँ…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

न जाने क्यूँ…. मैं कोशिश कर रहा था… उसकी आँखें पढ़ने की… पर कुछ पढ़ नहीं पाया… चमक में उनकी…. लब सिले न थे उसके… पर मैं कुछ सुन …

पीढ़ियाँ पर बढ़ेंगी इसी राह पर आगे

कोट के क़ाज में फूल लगाने से कोट सजता है फूल तो शाख पर ही सजता है, क्यों बो रहे हो राह में कांटे तुम्हें नहीं चलना पीढ़ियाँ पर …

रुआना आ गया – डी के निवातिया

रुआना आ गया ! कागज़, कलम, दवात, डायरी के पन्ने, ये सब तो अब बीते ज़माने कि बाते है व्हाट्सप्प, ट्वीटर, फेसबुक, भी छोडो वीडियो कॉलिंग का ज़माना आ …

रिश्तों का तानाबाना – अनु महेश्वरी

बचपन से बुढ़ापे तक के सफर में, रिश्तों का तानाबाना बुनते बुनते, हम एक जाल सा बुन तो लेते है, पर ज़िन्दगी के अंतिम पड़ाव में, कुछ, साथ छोड़ …

नाव में पतवार नहीं

नाव में पतवार नहीं हुजूर, आप जहां रहते हैं, दिल कहते हैं, उसे ठिकाना नहीं, शीशे का घर है संभलकर रहियेगा, हुजूर टूटेगा तो जुड़ेगा नहीं, यादों की दीवारे …

पूनम की रात को भी चाँद गायब हो गया

अमावस की रात को चाँद का गायब होना कोई बात नहीं जहरीली हवाओं की धुंध इतनी छाई पूनम की रात को भी चाँद गायब हो गया| दिल में सभी …

मैं सैनिक हूँ

मैं सैनिक हूँ मैं जगता हूँ रातभर चौकस निगाहें गड़ाए हुए उस जगह जहाँ अगली सुबह देख पाऊं इसमे भी संशय है उसके लिए जो अभी अभी छाती से …

* संस्कृति और सभ्यता *

* संस्कृति-सभ्यता * संस्कृति मिट रही सभ्यता बढ़ रहा मानवता छोड़ मशीनियत गढ़ रहा, भाईं भाईचारा का हुआ बट्टाधार चेहरे पर मुस्कान दिल में तलवार, घर-मकान के स्थान पर …

आला-रे-आला — डी के निवातिया

आला-रे-आला *** आला-रे-आला, सुन मेरे लाला, लगा ले अपनी जुबान पे ताला जो बोलेगा सच्ची सच्ची बाते, किया जायेगा उसका मुँह काला वतन व्यवस्था का टूटा पलंग है चरमारती …

नारी गुणों की खान : ‘गोपी’

नारी गुणों की खान नारी नर की जननी, नारी गुणों की खान है माता भार्या भगिनी दुहिता, नारी घर की शान है नारी को देवी मान मन्दिर में बिठाकर …

ज़िन्दगी तेरी राहों में – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ढूँढी पुतलों में तो बस धोखे मिलें मुझको ज़िंदगी कैसे कह दूँ मेहरबान आखिर बता तुझको चले बस सच की राहों पे तो देखो कुछ ना पाया है …

नादान परिंदे — डी के निवातिया

नादान परिंदे ***♣***   क्या कल के भारत की तस्वीर बनेगी, ये तो गुजरा वक़्त ही बतलायेगा पहले हमको हमारा आज दिला दो, तब कल का हिन्दोस्ताँ बन पायेगा …

खो रहे संस्कार – अनु महेश्वरी

आधी अधूरी अंग्रेजी बोल, ज्ञानी खुद को है माने, राम को कहे है देखो रामा, और वेद को कहे है वेदा| अपने गलतियों से मुँह मोड़, ज़माने में ढूंढे …

कश्‍मीर : रामगोपाल सांखला ‘गोपी’

कश्‍मीर हिन्‍दुस्‍तान का अभिन्‍न अंग है कश्‍मीर क्‍यों ताकता है पाक भारत की तकदीर नापाक मुशर्रफ नवाज गुर्राई बेनजीर नहीं मानोगे तो लोहा लेगी हमारी शमशीर हिन्‍दुस्‍तान की आन …

मन का अंधियारा दूर करने

मन का अंधियारा दूर करने मन का अंधियारा दूर करने जैसे ही जला लोगे तुम एक दीप अपने मन में पहुँच जायेंगी दीप पर्व की शुभकामनाएं तुम्हारी मुझ तक …