Tag: आज के ईश्वर पर कविता

हमारी विनती

संयोग से हम यहाँ चले आए भविष्य की चिंता बहुत सताये आप ने उम्मीद की किरण जगाए मन को हमारे सुकून पाहुचाए। सुरूज़ की किरणे उजियारा फैलाए आलस है …