Tag: प्रेम कवितायें

जीवन्त मूरत – शिशिर मधुकर

तुमसे कैसे कहूँ तुम मेरी कितनी ज़रूरत हो मुझे सुख चैन देने वाली एक भोली सूरत हो हर अंग में जिसके छवि दिखती है बस मेरी प्रेम के रंगो …

तेरे अल्फाज – शिशिर मधुकर

तेरे अल्फाज सुनने को मैं ज्यों बेताब रहता हूँ निज मन की ये बात लो खुलकर के कहता हूँ तुम्हारे मान वर्धन से मुझको संतोष मिलता है खुशी के …

तेरे सब गम चुरा लेंगे…………….. भी बुला लेंगे |गीत| “मनोज कुमार”

तेरे सब गम चुरा लेंगे तेरे सब दर्द मिटा देंगे छाया तेरा नशा दिल पे तेरे सब कर्ज मिटा देंगे माना ये दौर है मुश्किल ख़ुशी फिर भी चुरा …

पाक ज्वाला – शिशिर मधुकर

तुम दावा करो कुछ भी सत्य चेहरे पे दिखता है मुहब्बत की दुनियाँ में क्या कभी झूठ बिकता है दिल में ना सुलगती हो जो नेह की पाक ज्वाला …

जज्बा मुहब्बत का – शिशिर मधुकर

तेरा भरोसा आज भी खुलकर ये कहता है जज्बा मुहब्बत का तेरी रग रग में रहता है इन दुनियाँ वालों नें जब मुँह पर जड़े ताले दिल की बातें …

रंज ओ ग़म – शिशिर मधुकर

मेरा दिल ये करता है मैं तेरे रंज ओ ग़म ले लूँ तुझे बाहों में महफूज़ रखूं तेरे गेसुओ से खेलूं मुझे तेरी मुहब्बत का गर मिल जाएगा अमृत …

साफ दिल से – शिशिर मधुकर

साफ दिल से जब कोई यहाँ नज़दीक आता है सपनों में विचरता है और धड़कन में समाता है मिलकर बिछड़ जाता है जब रिश्ता कोई ऐसा इंसान घुट घुट …

हरसिंगार झरते हैं – शिशिर मधुकर

जिन्दगी में जो भी जन तुमसे प्यार करते हैं वो बोलते हैं जब तो बस हरसिंगार झरते हैं मिलते हैं ऐसे लोग गर जीवन में किसी को लाखो रंग …

मधुर मुस्कान – शिशिर मधुकर

तुमको मुझ से मुहब्बत है ज़माने भर से ये कह दो तेरी पेशानी को चूमू मैं झुकी नजरों से वो शह दो देख कर जिसको बागो में हजारों फूल …

तृष्णा – शिशिर मधुकर

जो जगह मुझको दी तूने वहाँ किसको बसाया है मेरी आँखों में तो अब तक तेरा मुखड़ा समाया है मैं जन्मों का प्यासा हूँ तू जीवन दायिनी सुरसरिता अपनी …

बेमिसाल – शिशिर मधुकर

मैं तो परेशान हूँ कहो तुम्हारा क्या हाल है लम्बी दूरीयों का क्या तुमको भी मलाल है जब साथ में होते हैं कुछ लहरें सी उठती है दर्द बिछड़ने …

बुजदिल – शिशिर मधुकर

तेरी सांसो की महक सांसो में मेरी शामिल है तेरे बिना सफ़र जिन्दगी का बहुत मुश्किल है तेरे हर अंग में मेरी मुहब्बत का पाक मंदिर है ये दिल …

तेरी यादों में 2 – शिशिर मधुकर

कोई शिकवा नहीँ मुझको तुम चूके जो वादों में मैं खुश हूँ अगर जिंदा हूँ अब तक तेरी यादों में हर मौसम में अपने आँसू तुम भी ना गिराओगी …

अदावत – शिशिर मधुकर

कुछ लोगों को ज़माने में मुहब्बत से अदावत है मुझे तो अपने जीवन में बस इसकी ही चाहत है गुजार लेते हैं कुछ लोग जीवन इसके बिना कैसे इस …

तेरी यादों में 1 – शिशिर मधुकर

मैंने कुछ नहीँ चाहा सिवाए तेरे तसव्वुर के तेरी यादों में मैंने गुनगुनाए गीत हर सुर के तेरी आवाज़ से मुझको खुशी होती है ऐसी ज्यों बज रहे हो …

दिल मेरा रह रह कर धड़कते है हर पल। हो मंज़िल मेरी आप , मुझे बतलाते है हल पल।

ये खामोश निगाहें ये आपका खुद में ही उलझ जाना। ये मन के होठों से अपने दिल ए दिमागों में बात लाना। ये झुकी पलकें ,ये भवों का लचकते …

तुम हो जहाँ वहीँ मेरा जीवन है। आप में पाया हमने हमने अपना दर्पण है।

आपकी वाहों में अब पूरा समर्पण है तुम हो जहाँ वहीँ मेरा जीवन है। आप में पाया हमने हमने अपना दर्पण है। कमियां दिखती नही हैं जिसमे मेरी , …

मुहब्बत चीज़ ऐसी है – शिशिर मधुकर

मुहब्बत चीज़ ऐसी है कभी सब को नहीँ मिलती कली मुस्कान की हर ईक बगिया में नहीँ खिलती जीने को तो फ़िर भी यहाँ जीये जाते है सारे लोग …

अगर जो प्रेम ना होता – शिशिर मधुकर

अगर जो प्रेम ना होता कभी के भूल जाते हम तेरी यादों के नगमों को कभी ना गुनगुनाते हम तेरे सीने से लगकर के सदा एक चैन पाया था …

चेहरे पे दिखती है – शिशिर मधुकर

मुहब्बत किसी के मन की चेहरे पे दिखती है श्रद्धा ना हो जब भीतर नज़रें कहाँ झुकती है तर्क और वितर्क अपने पराये में लगा रहे जो ऐसी कलम …