Tag: hindi kavitayein

अगर त्योहार न आते…Raquim Ali

अगर त्योहार न आते कैसा लगता? बेहद फीका-फीका लगता इतने चुस्त-दुरुश्त न हो पाते हम इतने रोमांचित न हो पाते। जवान न इतना मचल पाते बच्चे, गुब्बारे न उड़ाते …

कवि पति – समझदार पत्नि: संवाद…Raquim Ali

‘कवि पति – समझदार पत्नि’ संवाद ( नींद में, कवि) पति : ‘ख़ूबसूरत सा मेरा ख़्याल है, यही चल रहा है मेरे मन में खूबसूरत तेरा भी ख्याल होगा, …

अब तक वे एक नहीं हो पाए हैं…Raquim Ali

आसमान, जमीन, सितारे, शय्यारे, सूरज, खला समुन्दर, पहाड़, नदियां, झील, पानी, चाँद, हवा; जो सब ये चीजें आज मौजूद हैं, कभी तो पैदा किए गए होंगे कोई तो होगा …