Tag: hindi kavita

बहुत मुश्क़िल है, उन्हें पा जाना… Raquim Ali

बहुत मुश्क़िल है बेलगाम नौकरशाही को पटरी पर ला पाना। बहुत मुश्क़िल है किसी से, बिना दबाव के नुक़्ते भर का सुधार करवा पाना। बहुत मुश्क़िल है गर्दिश में …

ये मतवाला संसार

जाने किस दर्द-दंश से रोष दिखाता है समीर अंग-अंग को कम्पित करता तन में पहुंचाता है पीर. चौंक कर गिरते पीले पल्लव कलियों को देता झकझोर नीड़ के अन्दर …

बच्चे चाचा उन्हें बुलाते

इलाहाबाद में जन्म हुआ था थे कश्मीरी ब्राम्हण परिवार पिता मोतीलाल थे उनके स्वरुप रानी से मिला संस्कार. समय की गति के साथ-साथ बने यशस्वी और गुणवान स्वाधीनता संग्राम …

श्रद्धा की अभिव्यक्ति है

आश्विन मास के कृष्ण-पक्ष में आरम्भ महालय का होता है पितरों को नमन करने का अनुपम अवसर ये होता है. जिनकी कृपा से तन-मन मिलता कृतज्ञ ये सारा जीवन …