Tag: hindi kavita

ये मतवाला संसार

जाने किस दर्द-दंश से रोष दिखाता है समीर अंग-अंग को कम्पित करता तन में पहुंचाता है पीर. चौंक कर गिरते पीले पल्लव कलियों को देता झकझोर नीड़ के अन्दर …

बच्चे चाचा उन्हें बुलाते

इलाहाबाद में जन्म हुआ था थे कश्मीरी ब्राम्हण परिवार पिता मोतीलाल थे उनके स्वरुप रानी से मिला संस्कार. समय की गति के साथ-साथ बने यशस्वी और गुणवान स्वाधीनता संग्राम …

श्रद्धा की अभिव्यक्ति है

आश्विन मास के कृष्ण-पक्ष में आरम्भ महालय का होता है पितरों को नमन करने का अनुपम अवसर ये होता है. जिनकी कृपा से तन-मन मिलता कृतज्ञ ये सारा जीवन …