Tag: फिल्म गीत

दिल आ गया जिसपे……….|गीत| “मनोज कुमार”

दिल आ गया जिसपे वो है मासूम सा चेहरा बड़ा शर्मीला है वो तो खिला है फूल सा चेहरा तरन्नुम सी आवाजें हैं मगर खामोश है चेहरा नही कोई …

तुमसे है ये कैसा नाता …………|गीत | “मनोज कुमार”

तुमसे है ये कैसा नाता दिल को यही तो भाता है तेरे बिना हम मर जायेंगे मन को तू ही भाता है तुमसे है ये कैसा……………………………….तू ही भाता है …

हैप्पी बर्थ डे………. “मनोज कुमार “

हैप्पी बर्थ डे सृष्टि आज ११/०९/२०१६ को मेरी प्यारी गुडिया सृष्टि का जन्म दिन है जो की आज पांच वर्ष की हो रही है | उस नन्ही परी के …

झम झम बरसो बदरिया रे |गीत| “मनोज कुमार”

झम झम बरसो बदरिया रे सावन में हों संग संवरिया रे भीनी खुशबू ले कली खिल गयी रे लहराई हरयाली चुनरी उड़ गयी रे झूला झूलें संग संग सैय्याँ …

मोहिनी सूरत……….

देख के उसकी मोहिनी सूरत, फूल भी खिलना भूल गये ! ख्वाबो में उसके ऐसा उलझे, खुद से मिलना भूल गये !! कब आई और वो आकर चली गई …

एहसान ये तुम ………..|प्रेम गीत|– “मनोज कुमार”

एहसान ये तुम हम पे कर दो दो प्यार के बोल हमसे कर लो …………………………………. तेरा होगा बड़ा हमपे ये करम दिल थोड़ी में जगह हमें दे दो कब …

जी लेने दो………

जी लेने दो, निकले थे सफर पे बड़े शौक से लेकर अरमानो की कश्तियाँ फंस गयी जिंदगी के भँवर में इसे किनारे पे अब आ लेने दो हाँ.. आ …

हम तुम ……..( गीत )

हम तुम ……..( फिल्म गीत ) मिलना लिखा था किस्मत में, किस्मत से मिल गए हम तुम ! बनके चले राही एक मंजिल के,अब कभी जुदा न हो हम …

सुख दुःख दोनों रहते जिसमे – कभी धुप कभी छाँव (1965)

सुख दुःख दोनों रहते जिसमे जीवन है वो गाँव कभी धुप कभी छाँव कभी धुप तो कभी छाँव कभी धुप कभी छाँव कभी धुप तो कभी छाँव भले भी …

आज के इस इंसान को ये क्या हो गया – अमर रहे ये प्यार (1961)

आज के इस इंसान को ये क्या हो गया इसका पुराना प्यार कहाँ पर खो गया कैसी यह मनहूस घडी है, भाईओं में जंग छिड़ी है कहीं पे खून कहीं …

मुखड़ा देख ले प्राणी – दो बहनें (1959)

मुखड़ा देख ले देख ले मुखड़ा देख ले प्राणी ज़रा दर्पण में हो देख ले कितना पुन्य है कितना पाप तेरे जीवन में देख ले दर्पण में मुखड़ा देख …

दूसरों का दुखड़ा दुर करनेवाले – दश्हरा (1956)

दूसरों का दुखड़ा दुर करनेवाले तेरे दुःख दुर करेंगे राम दूसरों का दुखड़ा दुर करनेवाले तेरे दुःख दुर करेंगे राम किये जा तू जग में भलाई का काम तेरे …

वन्दे मातरम् – राष्ट्र गीत

वन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलय़जशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। वन्दे मातरम् ।।१।। शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्, फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्, सुहासिनीं सुमधुरभाषिणीम्, सुखदां वरदां मातरम् । वन्दे मातरम् ।।२।। कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले, कोटि-कोटि …

आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झाँकी हिंदुस्तान की – जागृति (1954)

आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झाँकी हिंदुस्तान की, इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की वंदे मातरम … वंदे मातरम … उत्तर में रखवाली करता पर्वतराज विराट …

हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के – जागृति (1954)

पासे सभी उलट गए दुश्मन की चाल के अक्षर सभी पलट गए भारत के भाल के मंज़िल पे आया मुल्क हर बला को टाल के सदियों के बाद फिर …