Tag: स्वास्थ्य रक्षक कविता

Health in Poems…5 – स्वास्थ्य रक्षक कविता

दिन   में तो  चंदा चलै ,चलै  रात में  सूर | तो यह निश्चय जानिये,  प्राण गमन बहु दूर|| बायीं  करवट   सोइये,  जल  बायें स्वर  पीव | दायें स्वर  भोजन …

स्वास्थ्य रक्षक कविता……4

स्वास्थ्य रक्षक कविता…………4 (संग्रह) इमली पत्ती पीसकर, लीजै नमक मिलाय | मट्ठा के सग पीजिये,   पेचिस देय मिटाय || नीम की पत्ती तोड़कर,   मधुरस संग पिसाय | फोड़ा …