Tag: नफरत की कविता

क्यों नफरत से किसी को नफरत नहीं होती

क्यों नफरत से किसी को नफरत नहीं होती किसी सीने में कोई चिंगारी नहीं उठती सिर्फ बात करने से नफरत ख़त्म नहीं होती अपने अहम् की बली देनी होती …